असम की तर्ज़ पर उत्तर प्रदेश में भी उठ रही एनआरसी (नेशनल रजिस्टृशन ऑफ सिटिजेनशिप) की मांग के बीच सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसपर अपनी राय रखी है।

इस मुद्दे पर बीजेपी नेताओं की आक्रमक बयानबाज़ियों पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने कहा कि इस हमारी संस्कृति के मूल में सहिष्णुता है, हमें इस मसले को मानवीय पहलू को समझकर ही हल करना चाहिए। इसपर तुच्छ और संकीर्ण राजनीति नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “सबको स्वीकार करने की भावना, सहिष्णुता व वसुधैव कुटुम्बकम हमारी संस्कृति के मूल मूल्य हैं। इसीलिए हमें नागरिकता के विषय पर मानवीय पहलू को समझकर ही कोई निर्णय करना चाहिए, लेकिन इसमें न तो राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता होना चाहिए और न ही कोई संकीर्ण राजनीतिक सोच या तुच्छ लक्ष्य”।

ग़ौरतलब है कि बीजेपी के कई विधायकों और केंद्र में मंत्रियों ने यूपी, बंगाल और बिहार में भी एनआरसी करने की मांग उठा दी है। उनका कहना है कि यूपी में बड़ी संख्या में बांग्लादेश से आए घुसपैठिए रहते हैं। बीजेपी नेताओं के मुताबिक, पश्चिम के कई जिले जैसे मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर में बांग्लादेशियों की भरमार है।

इससे पहले तेलंगाना से बीजेपी विधायक राजा सिंह ने एनआरसी के मुद्दे पर भड़काऊ बयान देते हुए कहा था कि अगर अवैध आप्रवासी (घुसपैठिए) रोहिंग्या और बांग्लादेशी भारत को सम्मान से नहीं छोड़ते हैं, तो उन्हें गोली मार देनी चाहिए।