एसिड अटैक पीड़िताओं की जीविका का एकमात्र सहारा ‘शिरोज हैंगआउट कैफे’ उजाड़ दिया गया है। बताया जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी ने सड़क के चौड़ीकरण के लिए कैफे को तोड़ा है। कैफे टूटने के बाद एसिड अटैक की पीड़िताओं ने योगी सरकार से कैफे के लिए जगह देने की गुहार लगाई है।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 11 जुलाई को आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित ‘शिरोज़ हैंगआउट कैफे’ के आधे हिस्से को सरकारी बुलडोजर से तोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि जिस हिस्से को तोड़ा गया है वो सरकारी ज़मीन पर बना था। पीडब्ल्यूडी ने अतिक्रमण हटाने के लिए कैफे को तोड़ा है।

कैफे टूटने के बाद एसिड अटैक की पीड़िताओं ने योगी सरकार से कैफे के लिए ज़मीन देने की गुहार लगाई है। लेकिन सरकार की तरफ़ से इस मामले में अभी तक कोई बयान नहीं आया है।

वहीं कैफे की मैनेजर रूपा बताती हैं कि हम कैफे की कमाई से एसिड अटैक पीड़िताओं का घर चलाया जाता है। साथ ही पीड़िताओं की सर्जरी का खर्च भी उठाते हैं। लेकिन सरकार हमारे सपनों, हौंसलों को बढ़ाने के बजाय तोड़ रही है।

इस मामले को लेकर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट के ज़रिए कहा, “एसिड अटैक पीड़ितों द्वारा अपने रोज़गार के लिए चलाए जाने वाले शिरोज़ हैंगआउट कैफे पर बिना समय दिए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत तोड़फोड़ कर नुक़सान पहुँचाना नाइंसाफ़ी है”।

उन्होंने आगे लिखा, “सरकार ख़ुद तो रोज़गार दे नहीं पा रही है और जो ख़ुद कोशिश कर रहे हैं उन्हें प्रताड़ित कर रही है। निंदनीय कृत्य”।

बता दें कि अखिलेश यादव इस कैफे में चाय पी चुके हैं। अखिलेश यादव ने शिरोज कैफे के अलग ब्रांच के लिए स्थान देने की बात भी कही थी।