जातिवाद और परिवारवाद के बाद एक नया ‘वाद’ लॉच हुआ है, जिसका नाम है ‘दोस्तीवाद’
27 से 30 जून को डीडीसीए कार्यकारिणी के लिए चुनाव हुए थे। DDCA यानी Delhi & District Cricket Association (दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ)

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के करीबी दोस्त वरिष्ठ पत्रकार रतज शर्मा डीडीसीए के अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गए हैं। इतना ही नहीं रजत शर्मा के ग्रुप ने सभी 12 सीटों पर जीत हासिल की है। रजत शर्मा ने ये जीत 1983 में विश्व कप जीतने वाली क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे मदन लाल को हराकर हासिल की है।

अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में रजत शर्मा को 1521 वोट मिले, वहीं पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी मदन लाल को 1004 वोट मिले। यानी मदन लाल को 517 वोट से हरा गएं। जनसत्ता ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि ”डीडीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर कहा, रजत शर्मा को एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री का समर्थन मिलने के साथ ही किसी दूसरे उम्मीदवार के चुनाव जीतने की कोई संभावना ही नहीं थी।”

बता दें कि रजत शर्मा के करीबी दोस्त अरुण जेटली भी वर्ष 1999 से 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं। रजत शर्मी की जीत पर दिल्ली के चांदनी चौक से विधायक अल्का लांबा ने ट्विट किया है कि ”विडम्बना देखिये, एक चैनल चलाने वाला जिसने शायद कभी बल्ला भी नही पकड़ा होगा #DDCA का अध्यक्ष चुना जाता है।

और जिस लेजेंड्री क्रिकेटर मदनलाल ने देश को पहला विश्व कप जीताया वह चुनाव हार जाता है, ख़ास कर महान खिलाड़ियों की अपील के बाद, कौन कहता है कि लोकतंत्र में वोट और ईमान नही बिकता?”