उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मुगलों के नाम पर बने स्टेशन का नाम बदल दिया गया। मगर इसी कार्यक्रम में जहां बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह रेल मंत्री पीयूष गोयल और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए इसी कार्यक्रम में तैनात पुलिस वाले को उसकी जाति की वजह कुछ बीजेपी के कुछ कथित कार्यकर्ताओं ने निशाना बनाया।

ये तब हुआ जब भीड़ ज्यादा होने के कारण उसने कुछ लोगों से हटने को कहा तो वहां मौजूद लोगों ने कहा कि तुम यादव हो तुम्हारी सरकार नहीं तुम चले जाओ यहां से।

दरअसल यूपी मुगलसराय जंक्शन को नाम बदला जाना था। इस मौके पर सभी बड़े नेता वहां शामिल थे जौनपुर में तैनात प्रमोद कुमार यादव को सुरक्षा में बुलाया गया था। तभी कुछ लोगों नारे लगाने लगे जब प्रमोद ने उन्हें हटने के लिए कहा तो उनसे कहा गया कि वो चुप रहे क्योंकि अब सपा सरकार जा चुकी है इसलिए वो भी यहां से चले जाये।

प्रमोद ने कहा कि मैंने अपने सीनियरो से ये बात कही तो वो चुप थे। यादव जाति होने के कारण अगर हम लोगों को ऐसे टारगेट किया जायेगा तो हमको रहने दे जहां हम है वहीँ रहेंगें।

इस मामले पर समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने निशाना साधते हुए कहा कि एक पुलिस कर्मी को भाजपा के गुंडों ने सिर्फ़ इस लिए प्रताड़ित किया क्यूँकि वह ‘यादव’ जाति से आता है। ये भाजपा वाले पिछड़ों के बहुत बड़े हितैषी बनते हैं लेकिन ये और इनके कार्यकर्ता जातिवाद की मानसिकता से ग्रसित हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस से सवाल करते हुए पूछा कि सवाल ये है कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी पुलिस इस पुलिसकर्मी का साथ देगी?या भाजपाई गुंडों के सामने सरकार प्रशासन पूरी तरह असमर्थ है ?