उत्तर प्रदेश के बीआरडी हॉस्पिटल में हुए हादसे को एक साल पूरे होने जा रहे है। मगर बच्चों के बीच फैलने वाली बीमारी का खतरा अब भी जारी है, पिछले साल की तरह इस साल भी डॉ. कफील उन गरीब बच्चों की मदद करते नज़र आ रहे जिनके पास इलाज के पैसे नहीं है और उन्हें इलाज चाहिए।

कफील ने आज गोरखपुर में निशुक्ल दिमाग़ी बुखार जांच शिविर लगाया जिसमें वो बच्चों की जांच करते नज़र आये।

दरअसल पिछले साल अगस्त के ही महीने में सीएम योगी गृह-जनपद गोरखपुर के बीआरडी हॉस्पिटल में एक दिन के अंदर 60 से ज्यादा बच्चों की ऑक्सीजन की कमी के चलते दम तोड़ा तो स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह इस मामले पर शर्मनाक बयान देते हुए कहा कि अगस्त में तो बच्चें मरते ही है।

ऐसे बयानों से उलट एक डॉक्टर जो मरीजों की जान बचाने के लिए ही डॉक्टर बनता उसने अपनी तरफ से कोशिश की है।

डॉ. कफील ने इससे पहले बोलता हिंदुस्तान से बात करते हुए बीआरडी अस्पताल हादसे पर कहा था कि मैं किसी ऐसे अधिकारिक पद पर नहीं जिससे मुझे उस हादसे का ज़िम्मेदार ठहरा जाया सके।

फिलहाल डॉ. कफील का ये काम काबिले तारीफ है जो बच्चों के लिए नि:शुक्ल इलाज में लगे हुए है।