तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और तमिल राजनीति के दिग्गज नेताओं में से एक एम करुणानिधि का निधन हो गया है। मंगलवार शाम 6:10 बजे उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इस ख़बर के आते ही तमिलनाडु समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। करुणानिधि 94 वर्ष के थे।

इससे पहले मेडिकल बुलेटिन में करुणानिधि की तबियत और बिगड़ने की बात कही गई थी, जिसके बाद से गोपालपुरम और चेन्नई के कावेरी अस्पताल में उनके समर्थक लगातार जुटने लगे। वहीं, डीएमके समर्थकों की संख्या को देखते हुए पुलिस भी हाई अलर्ट पर है। करुणानिधि को 27 जुलाई को देर रात तबीयत खराब होने की वजह से चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके लिए अस्पताल में स्पेशल आईसीयू सेटअप किया गया था।

करुणानिधि के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदना करुणानिधि के अनगिनत समर्थकों और परिजनों के साथ है। भारत और खासकर तमिलनाडु उनको हमेशा याद रखेगा. उनकी आत्मा को शांति मिले।

ख़बरों के मुताबिक, करुणानिधि के शव को गोपालपुरम ले जाया जाएगा। बुधवार सुबह राजाजी हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शिरकत करेंगे।

कौन थे करुणानिधि

3 जून 1924 को जन्मे करुणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 10 फरवरी 1969 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह तमिलनाडु की सत्ता पर सबसे ज्यादा समय तक काबिज रहने वाले मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 6,863 दिन तक मुख्यमंत्री का पद संभाला। उन्होंने 60 साल के राजनीतिक करियर में अपनी भागीदारी वाले हर चुनाव में अपनी सीट जीतने का रिकॉर्ड बनाया।

राजनीति में आने से पहले वह तमिल फिल्मों में बतौर स्क्रिप्ट राइटर काम करते थे। करुणानिधि समाजवादी आदर्शों को बढ़ावा देने वाली ऐतिहासिक और सामाजिक कहानियां लिखने के लिए जाने जाते थे।