गुजरात के पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर एक बार फिर बीजेपी और प्रधानमंभी नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से रोज़गार, शिक्षा और सीमा सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए केंद्र की मोदी सरकार की जमकर आलोचना की।

हार्दिक ने रोज़गार के मुद्दे को उठाते हुए ट्विटर के ज़रिए कहा कि मोदी सरकार ने पहले दो करोड़ सालाना रोज़गार देने का वादा किया था, लेकिन जब सरकार रोज़गार देने में नाकाम रही तो कह दिया कि यह एक जुमला था, जिसे चुनाव के समय कह दिया जाता है।

इसके बाद हार्दिक ने सीमा सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सीमा पर अतिक्रमण को लेकर सरकार पहले चीन को सबक सिखाने की बात करती थी। लेकिन बाद में सरकार के तेवर बिल्कुल ही बदल गए और उसने देश में चीनी बैंक ही खुलवा दिए।

आखिर में हार्दिक ने मुकेश अंबानी के जियो इंस्टीट्यूट को उत्कृष्ट घोषित किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश के अच्छे संस्थानों को दरकिनार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दोस्त अंबानी के संस्थान को उत्कृष्ट घोषित कर देते हैं और उसे 1000 करोड़ का अनुदान दिया जाता है।

बता दें कि हार्दिक पटेल बीजेपी और मोदी सरकार के मुखर आलोचक हैं। उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी के ख़िलाफ़ प्रचार भी किया था। हार्दिक पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य दोनों जगह की बीजेपी सरकार आरक्षण विरोधी है।