प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि कांग्रेस ने देश को 60 सालों में बर्बाद किया है। लेकिन आर्थिक आकड़ों पर नज़र डाले तो कांग्रेस शासन के मुकाबले मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत की आर्थिक स्तिथि बहुत ज़्यादा कमज़ोर हुई है।

एक समय जो देश दक्षिण एशिया में सबसे ज़्यादा तेज़ी से बढ़ रहा था आज वो अपने कमज़ोर पड़ोसी देशों से भी पिछड़ रहा है।

बिज़नस स्टैंडर्ड कि एक खबर के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था 1970 से 2010 के बीच दक्षिण एशिया में सबसे आगे रही। इस दौरान भारत कि औसत जीडीपी 8.6 प्रतिशत कि दर से बढ़ी।

लेकिन अब आर्थिक विकास के मामले में भारत बांग्लादेश का मुकाबले भी नहीं कर पा रहा है। प्रति व्यक्ति आय से लेकर निर्यात तक में भारत बांग्लादेश से पिछड़ा नज़र आता है।

भारत में पिछले तीन वर्षों में प्रति व्यक्ति आय सालाना 5.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी है तो बांग्लादेश में 12.9 प्रतिशत से बढ़ी है। यहाँ तक की पाकिस्तान में 8.6 प्रतिशत की दर से प्रति व्यक्ति आय इस दौरान बढ़ी।

बांग्लादेश कि इस तरक्की का फार्मूला उसके बढ़ते निर्यात और निवेश को बताया जा रहा है। 2014-16 के दौरान बांग्लादेश का निर्यात 7 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। वहीं 2014 बाद भारत का निर्यात लगातार गिर रहा है।

2013 में भारत का निर्यात 488 बिलियन डॉलर का था जो अब घटकर 433 बिलियन डॉलर रह गया है। इसी दौरान भारत में निवेश ठहर सा गया जबकि बांग्लादेश में 14.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।