उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के.एम. जोसेफ की उच्चतम न्यायालय में नियुक्त किए जाने के बाद भी विवाद थमता नहीं दिख रहा है। महीनों लंबित रखने के बाद केंद्र सरकार ने जस्टिस जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को तो मंज़ूरी दे दी है लेकिन अब उनकी वरिष्ठता को घटा दिया है।

लंबे विवाद के बाद जस्टिस केएम जोसेफ सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश तो नियुक्ति हो गए, लेकिन वह तीन नए जजों में सबसे जूनियर होंगे। मंगलवार को तीनों नए न्यायाधीश शपथ लेंगे।

उनकी वरिष्ठता का प्रभाव सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने और सुनवाई पीठ की अध्यक्षता करने पर भी पड़ेगा। जस्टिस जोसेफ की वरिष्ठता को घटाने के केंद्र सरकार के फैसले से उच्चतम न्यायालय के कोलेजियम के कुछ सदस्यों के साथ सुप्रीम कोर्ट के कई जज नाराज़ हैं।

ये जज सोमवार को मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा से मिलकर विरोध जताएंगे। सीजेआई से आग्रह करेंगे कि वह मंगलवार को शपथ से पूर्व जस्टिस जोसेफ की वरिष्ठता से जुड़े मामले को सुलझाएं।

मोदी सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि वो बदले की भावना से जस्टिस जोसेफ के ममाले को देख रही है। बता दें, कि जस्टिस केएम जोसेफ उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश हैं। उन्होंने ने ही अप्रैल 2016 में मोदी सरकार के उस फैसले को रद्द किया था जिसके तहत उसने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। जस्टिस केएम जोसेफ ने मोदी सरकार के फैसले को गलत बताते हुए राज्य में कांग्रेस की सरकार की बहाली की थी।

इसी साल जनवरी में कॉलेजियम (जजों को नियुक्त करने वाली व्यवस्था) ने जस्टिस केएम जोसफ का नाम सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा था। लेकिन सरकार ने फरवरी में कॉलेजियम को नाम पर फिर से पुनर्विचार करने के लिए कहा।केंद्र सरकार ने जज इंदु मल्होत्रा की नियुक्ति को तो हरी झंडी दिखा दी थी लेकिन के.एम जोसेफ की नियुक्ति को नहीं। सरकार ने कहा था कि उन्हें लगता है कि जोसेफ पद के लिए वरिष्ठ नहीं हैं।

जबकि ‘द हिन्दू’ ने 5 मार्च को अपनी एक खबर में बताया कि जस्टिस केएम जोसेफ सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए अनुभव के लिहाज़ से सबसे ज़्यादा वरिष्ठ हैं। लम्बे विवाद के बाद जब कॉलिजियम ने जोसेफ का नाम दोबारा भेजा तब सरकार ने नियुक्ति की मंज़ूरी दी। क्योंकि कॉलिजियम द्वारा दूसरी बार सिफारिश भेजने के बाद सरकार सिफारिश मानने के लिए बाध्य होती है।