जनता पर एक बार फिर से महंगाई की मार पड़ी है। मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों में एक बार फिर से बढ़ोतरी कर दी है। गुरुवार को की गई बढ़ोतरी में पेट्रोल के दाम 16-17 पैसे प्रति लीटर मेट्रो शहरों में बढ़ाए गए हैं। वहीं डीजल के दाम में 10-12 पैसे प्रति लीटर के बढ़ोतरी की गई है।

इस बदलाव के बाद दिल्ली में पेट्रोल के दाम 75.71 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं जबकि मुंबई में दाम 83.10 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल के दाम 78.39 और 78.57 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

करीब 36 दिन बाद फिर से ये बढ़ोतरी हुई है। कर्नाटक चुनाव के बाद लगातार सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए थे। हाल ही में सरकार गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए हैं।

केंद्र सरकार का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने वो देश में दाम बढ़ा रही है। वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम गिरने पर पेट्रोल डीजल के दाम कम नहीं करे लेकिन अन्तराष्ट्रीय बाज़ार में कीमतें बढ़ने पर सरकार दाम बढ़ा रही है।

पेट्रोल के बढ़ते दाम के कारण मोदी सरकार पर उत्पादन शुल्क घटाने का दबाव बढ़ा है। पिछले चार सालों में मोदी सरकार 11 बार पेट्रोल और डीज़ल एक्साइज ड्यूटी बढ़ा चुकी है। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम कम थे।