मोदी सरकार का इस साल का बजट किसानों को लुभाने वाला भले ही रहा हो, लेकिन किसानों को लुभाने के अलावा इस बजट में स्वास्थ्य के लिए भी कई पॉलिसी  बनाई गई हैं, मगर हमेशा की तरह मोदी सरकार अपने इन वादों पर भी खरा उतरती नहीं दिख रही।

बीजेपी सरकारों में स्वास्थ्य सेवा अपने सबसे निचले स्तर पर है। ताजा मामला उत्तरप्रदेश के भादोही जिले का है, जहां अस्पताल प्रशासन और यूपी पुलिस की बुजुर्ग महिला के प्रति संवेदनहीनता देखने को मिली। गोपीगंज चौकी में एक पीड़िता अपनी अर्जी ले कर आई थी।

पुलिस पहले तो बुजुर्ग से सख्ती से पेश आई और बाद में चौकी इंचार्ज ने बुजुर्ग से मारपीट भी की। योगी राज में आये दिन पुलिस वाले गुंडागर्दी कर रहें हैं, अपनी मनमानी कर रहे हैं मगर उनपर नकेल कसने वाला कोई नहीं है।

पुलिस द्वारा बुजुर्ग महिला से मारपीट के बाद वो बुरी तरह घायल हो गई। जिसके बाद पुलिस वालों ने बुजुर्ग को एंबुलेंस बुलाने के बजाए चारपाई पर लिटा कर अस्पताल भेजा।

अस्पताल पहुचने पर लगा कि बुजुर्ग को तुरंत इलाज़ मिल जायेगा। मगर जब घायल बुजुर्ग अस्पताल पंहुची तो उसे स्ट्रेचर से उतार कर जमीन पर लिटा दिया गया। घायल बुजुर्ग जमीन पर दर्द से तड़पती रही मगर उसे देखने एक भी डॉक्टर नहीं आया।

योगी राज में स्वास्थ्य, कानून प्रशसन अपनी मनमानी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। आये दिन प्रदेश में पुलिस की गुंडागर्दी और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का कोई न कोई नमूना देखने को मिल रहे हैं।

बता दें कि कुछ दिनों पहले भी यूपी पुलिस की गुंडागर्दी सामने आई थी। नॉएडा पुलिस ने मेडल और प्रमोशन पाने के लिए एक निर्दोष युवक जीतेन्द्र यादव का फर्जी एनकाउंटर कर दिया था, जिसके बाद युवक जिंदगी और मौत से लड़ रहा है।

उत्तरप्रदेश में बढ़ रहे अपराधिक मामलों को देख कर अनुमान लगाया जा सकता है कि उत्तरप्रदेश सरकार प्रदेश से अपराध खत्म करने के मामले में बुरी तरह फेल हो चुकी है।