देशभर में जैसे महिलाओं को गायब करने का सिलसिला शुरू हो गया है। पहले बिहार फिर उत्तर प्रदेश के देवरिया के मां विंध्यवासिनी बालगृह में देह व्यापार का मामले के बाद अब प्रतापगढ़ के दो आश्रय गृहों से 26 महिलाओं के गायब होने के खबर सामने आ रही है।

इस बात का खुलासा तब हुआ जब डीएम शम्भु कुमार ने बुधवार अचानक दो आश्रय गृहों में छापे मारी की तो पता चला कि 26 महिलाएं लापता है।

दरअसल देवरिया मामले से प्रशासन की टूटी नींद अब कई शहरों के बालिका गृह पर चेकिंग तेज कर दी है। इस सिलसिले में प्रतापगढ़ के अष्टभुजानगर और अचलपुर चल रहे दो आश्रय गृहों पर छापेमारी की इन दोनों गृहों पर सिर्फ छह महिलाएं ही मौजूद थी। जबकि संचालिका ने आश्रय में रहने वाली महिलाओं की संख्या 16 बताई गई है।

जिला अधिकारी को शक हुआ और उन्होंने इस संचालिका रमा मिश्रा से रजिस्टर मंगवा तो पता चला कि संख्या 16 से बढ़कर 17 हो गई जिनमें 14 महिलाएं आश्रय से गायब है। वही अचलपुर के आश्रय गृह 5 में से सिर्फ तीन महिलाएं रात तक मिलीं। यहां 12 महिलाएं गायब पाईं गईं।

इसका मतलब ये कि प्रतापगढ़ में चल रहे दोनों आश्रय गृहों से कुल 25 महिलाएं गायब है। पुलिस अभी इनका पता लगा रही हैरान करने वाली बात ये है कि मुज्ज़फरपुर के बालिका गृह की तरह इसका कनेक्शन भी राजनीति से जुड़ा हुआ है।

मीडिया में आ रही रिपोर्ट्स की माने तो अष्टभुजानगर स्थित जागृति महिला स्वाधार आश्रय की संचालिका रमा मिश्रा 2013 में बीजेपी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष व सभासद भी रह चुकी हैं। रमा मिश्रा तीन साल से भी अधिक समय से महिला आश्रय का संचालन कर रही हैं। अब इस मामले के पीछे बीजेपी क्या सफाई देती है ये देखना बाकी है फिलहाल महिलाएं को तलाश जारी है।