उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम ही ले रहा। ताज़ा मामला पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सामने आया है। जहां एक शिक्षामित्र की डिप्रेशन के चलते दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, मृतक शिक्षामित्र का नाम राकेश सिंह हैं, जो कि वाराणसी के काकलपुर विधानसभा क्षेत्र के हरहुआ के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि सोमवार को दोपहर करीब 1:30 बजे डिप्रेशन में रहने के चलते दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। राकेश की मौत के बाद घर में मातम का माहौल है। राकेश सिंह के दो बेटे और एक बेटी हैं, जो पिता की मौत के बाद सदमे में हैं।

राकेश सिंह की मौत पर दुख जताते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा की सूबे में आए दिन शिक्षामित्र अपनी जान दे रहे हैं और संवेदनहीन सरकार बेपरवाह सो रही है। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस मुद्दे पर मीडिया का कैमरा भी बंद है।

आप नेता ने ट्वीट कर लिखा, “योगी सरकार में ये हो क्या रहा है? प्रतिदिन कोई न कोई शिक्षामित्र अपनी जान दे रहा है या फिर गरीबी और अवसाद से मर रहा है, संवेदनहीन सरकार बेपरवाह सो रही है, मीडिया का भी कैमरा बंद है, 1.गरीबी से मौत कोई खबर नही 2.दंगो में मौत लाइट, कैमरा, एक्शन”।

ग़ौरतलब है कि पिछले साल 25 जुलाई को शिक्षामित्रों के समायोजन को रोकने के बाद से कई शिक्षामित्र डिप्रेशन के शिकार हुए हैं। इसमें अब तक 704 शिक्षामित्रों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही कई शिक्षामित्रों ने इससे परेशान होकर ख़ुदकुशी भी की है।

अभी हाल ही में महराजगंज के बेखरा गांव में सहायक अध्यापक पद पर समायोजन न होने से दुखी एक शिक्षामित्र ने खुदकुशी कर ली थी। घर में छत की कुंडी से रस्सी के सहारे उसका शव लटका पाया गया था। शिक्षामित्र के पिता ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि शिक्षक बनने का ख्वाब पूरा न होने के चलते उसका बेटा डिप्रेशन में था।