उत्तरप्रदेश में बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सरकार रोज नई कोशिशें कर रहीं है। वही दूसरी तरफ प्रशासन की भारी लापरवाही भी सामने आ रही है।

यूपी बोर्ड की परीक्षा में छात्रों की आंसर शीट को खुलेआम बाइक पर ले जाया जा रहा है। रोड पर बिना किसी सुरक्षा के आंसर शीट को कहीं मोटरसाइकिल पर तो कहीं ई-रिक्शा पर परीक्षा केंद्र पहुंचाया जा रहा है।

एक तरफ जहां संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की निगरानी ड्रोन से की जा रही है, वहीं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री खुद हैलीकॉप्टर से परीक्षा केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। ऐसे में आंसर शीट के प्रति इतनी भारी लापरवाही सवाल खड़े करती है कि उत्तर पुस्तिकाएं कितनी सुरक्षित हैं?

राजधानी लखनऊ में भी ये लापरवाही देखने को मिली। नियमानुसार परीक्षा के बाद आंसर शीट को केंद्र से दूसरी जगह ले जाने के लिए बंद गाड़ी का प्रयोग करना चाहिए, मगर उत्तर प्रदेश के अधिकतर कॉलेज ऐसा नहीं कर रहे हैं।

यहां परीक्षा खतम होने के बाद कॉलेज प्रशासन मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा से छात्रों की आंसर शीट केन्द्रों पर जमा करा रहे हैं।

हैरानी की बात ये है कि परीक्षा शुरू होने से पहले कॉपियों को बंद गाड़ियों में लाया जा रहा है। मगर परीक्षा खत्म होने के बाद भरी हुई आंसर शीट को खुले आम सड़क पर ले जाया जा रहा है।

परीक्षा में हो रही ये बड़ी लापरवाही है, ऐसे खुले आम आंसर शीट ले जाने पर रोड पर छिना झपटी हो सकती है जिससे हजारों लाखों बच्चों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। लेकिन योगी सरकार इस मामले में कोई कार्यवाई नहीं कर रही।