तेजस्वी यादव मुजफ्फरपुर कांड पर नीतीश कुमार की एक प्रिय मंत्री का इस्तीफा ले आए। अगली बार कोई मंत्री ऐसी गंदी हरकत करने से घबराएगा।

अब नीतीश कुमार निशाने पर हैं, जिनकी सरपरस्ती में बिहार के बालिका आश्रय गृह गिद्धों के अड्डे बन गए हैं। नीतीश भाग रहे हैं और तेजस्वी उनको दौड़ा रहे हैं।

विपक्ष में होकर भी तेजस्वी ने जनमत को सही दिशा में मोड़ दिया। इसके लिए वे दिल्ली से लेकर बिहार के गांवों तक में सड़कों पर उतरे। पूरा राष्ट्र उनके साथ खड़ा हो गया। बीजेपी के नेता तक बिहार सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं।

अब अखिलेश और बहनजी की बारी है।

कीजिए आंदोलन। देवरिया और हरदोई कांड तो और भी घिनौना है। बच्चियों को न सिर्फ रसूखदार लोगों को परोसा गया, बल्कि बच्चियां गायब हो गईं। और फिर यूपी तो राहुल गांधी की भी कर्मभूमि है। सभी दल मिलकर करें आंदोलन।

या फिर सीधे मतदान के दिन ही सब कुछ हो जाएगा। गठबंधन कोई जादू नहीं है। जनता के साथ खड़ा होना जरूरी है। बच्चियों को बचाने के लिए आगे आना और भी जरूरी है।

 

(वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल की फेसबुक वॉल से साभार)