पिछले दिनों 49 मशहूर हस्तियों पर पीएम मोदी (Narendra Modi) को खुला ख़त लिखने पर राजद्रोह का केस लगा दिया गया है। अब उसके जवाब में 185 मशहूर हस्तियों ने एक और खुला पत्र लिखा है।

जिसमें कहा गया है कि सांकृतिक समुदाय के हमारे 49 साथियों पर केवल इसलिए FIR दर्ज कर दी गई है क्योंकि उन्होंने समाज के एक ज़िम्मेदार नागरिक होने का उदाहरण दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री को देश में हावी हो रहे भीड़तंत्र और मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) पर एक खुला ख़त लिखा था। क्या ये देशद्रोह है? या एक साजिश है न्यायालयों का इस्तेमाल कर देश के ज़िम्मेदार नागरिकों की आवाज़ दबाने की?

पत्र में लिखा है कि हम सभी जो भारतीय सांस्कृतिक समुदाय का हिस्सा हैं, एक विवेक पसंद नागरिक होने के नाते, इसकी कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं। हम अपने साथियों द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र के हर एक शब्द का समर्थन करते हैं।

इसलिए वह पत्र हम एक बार फिर साझा करते हुए सांस्कृतिक, शैक्षणिक और विधिक समुदाय से अपील करते हैं कि वे इसे आगे बढ़ाएं। हम जैसे अनेक, रोज़ आवाज़ उठाएंगे, मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़, प्रतिरोध पर हमले के ख़िलाफ़। दमन के लिए कोर्ट के इस्तेमाल के ख़िलाफ़। क्योंकि आवाज़ उठाना ज़रूरी है।

गौरतलब है कि इंडियन कल्चर फोरम की ओर से हिंदी, अंग्रेजी और मलयालम में जारी इस खुले पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में प्रसिद्ध अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, प्रख्यात नृत्यांगना मल्लिका साराभाई, पूर्व राजनीयक और लेखक नयनतारा सहगल, इतिहासकार रोमिला थापर, शास्त्रीय गायक टी एम कृष्णा, कलाकार विवान सुंदरम और लेखक शशि देशपांडे, अशोक वाजपेयी जैसे नाम शामिल हैं।

Hindi

बता दें कि रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वकील सुधीर ओझा ने इस मामले पर कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) ने बीते 20 अगस्त को ही याचिका स्वीकार कर ली थी। मगर अब जाकर सदर पुलिस स्टेशन ने FIR दर्ज की है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वकील का आरोप है कि इन हस्तियों ने देश और प्रधानमंत्री मोदी की छवि ख़राब की है।

वहीं इस मामले पर उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से कहा गया है कि FIR भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। इसमें राजद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गईं हैं।

मुजफ्फरपुर के सदर पुलिस स्टेशन में इन 49 हस्तियों के खिलाफ IPC की धारा 124A, 153B, 160, 190, 290, 297 और 504 के तहत मामला दर्ज किया गया है।