अपने एनकाउंटर्स को लेकर सवालों में घिरी रहने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस एक बार फिर कटघरे में आ गई है। झांसी में पुष्पेंद्र यादव का एनकाउंटर और हापुड़ में एनकाउंटर के बाद यूपी पुलिस की हिरासत में एक और मौत हुई है। मामला अमेठी का है।

यहां शनिवार को बैंक अधिकारियों से 26 लाख की लूट हुई थी। मामले में प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाने के बाबूगंज निवासी कारोबारी सत्य प्रकाश शुक्ला को पुलिस ने संदिग्ध मानकर उसके घर से उठा लिया था। मंगलवार सुबह कारोबारी सत्य प्रकाश शुक्ला की पुलिस की हिरासत में मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक सत्य प्रकाश के मकान में यूको बैंक की ब्रांच चलती थी। इसी बैंक से अधिकारी रुपए निकालकर लौट रहे थे। रास्ते में अधिकारियों से बदमाशों ने पैसे लूट लिए थे। पुलिस ने संदिग्ध मानकर सत्य प्रकाश को उठा लिया था। पुलिस का मानना था कि सत्य प्रकाश इसमें शामिल है। पुलिस ने इसी बात को आधार बनाया।

इतना ही नहीं शक के आधार पर पुलिस सत्य प्रकाश को उसके दो बेटों के साथ पूछाताछ करने के लिए थाने ले गई। थाने में सत्य प्रकाश की तबीयत ख़राब होने पर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने ज़हरीला पदार्थ खाने की बात कही। सत्य प्रकाश शुक्ला की अस्पताल में ही मौत हो गई। कारोबारी सत्य प्रकाश के परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई है।

इस मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करके बीजेपी को घेरा है। उन्होंने लिखा है कि, “अमेठी में पुलिस हिरासत में हुई सत्य प्रकाश शुक्ला की मौत से उपजे जनाक्रोश को भाजपा सरकार झूठी दलीलें देकर दबाना चाह रही है। परिजनों ने थर्ड डिग्री की प्रताडना का जो आरोप लगाया है उसकी निष्पक्ष जांच होनो चाहिए। नहीं तो भाजपा सरकार से जनता का रहा सहा भरोसा भी उठ जाएगा।”

वहीं यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने लिखा- भाजपा के नए भारत में पुलिस कहती हैं कि, ’13 लाख दो और गुनाह स्वीकार करो वरना मार देंगे।’ यूपी में जनता अब समझ नही पा रही कि “गुंडा” वर्दी वाला हैं या कोई और। पुलिस कस्टडी में मौत की दूसरी घटना हैं लेकिन उसमें अभी तक जांच नहीं आई। मुख्यमन्त्री जी मौन हैं।

बता दें कि हाल ही में बदायूं जिले में एक किसान की भी पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। हापुड़ में एक शख्स और झाँसी में पुष्पेंद्र यादव का एनकाउंटर किया गया, जिसपर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुष्पेंद्र यादव मामले में अभी तक कोई कार्रवाई तक नहीं हुई है।