कमलेश तिवारी kamlesh tiwari मामले को योगी सरकार और प्रशासन आईएसआईएस से जोड़ रहा हैं। मगर कमलेश तिवारी की मां सहित उसके बेटे, भतीजे सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनकी सरकार और भाजपा BJP को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव Akhilesh Yadav ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, लखनऊ lucknow में एक हिन्दू महासभा के नेता की हत्या कर दी गई, ऐसी और कितनी घटनाएं होंगी।

उन्होंने कहा, वह योगी नहीं हैं आदित्यनाथ हैं। योगी दूसरों का दर्द जानता है पर ये योगी नहीं जानते। इस समय लखनऊ की कानून व्यवस्था क्या है ये कमलेश की मां को सुनकर पता चल जाएगा।”

अखिलेश ने कहा, “मृतक की मां कह रही हैं हमें समाजवादी सरकार में सुरक्षा मिली थी। आजम खान के ज़माने में हमें गनर मिले थे। लेकिन इस योगी सरकार ने हमें सुरक्षा नहीं दी और उसी का परिणाम है कि हमारे बेटे की हत्या हो गई।”

सपा अध्यक्ष ने कहा, सरकार बीजेपी की है, पुलिस बीजेपी की है फिर भी हत्याएं नहीं रुक रहीं। अखिलेश ने यूपी की कानून व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, योगी कहते हैं व्यवस्था चाहते हो तो ठोक दो, लेकिन किसी को नहीं पता कि किसे ठोकना है।

दरअसल 2015 में कमलेश तिवारी ने पैगंबर मुहम्मद के बारे में आपतिजनक टिपण्णी की थी। इस बयान के बाद कमलेश की पूरे देश में विरोध हुआ था। बाद में उसपर रासुका भी लगी और वो जेल गया। तब से ही कमलेश की जान को खतरा था।

लेकिन 2017 में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा की सरकार बनी। सरकर बदलने के बाद कमलेश ने योगी सरकार से अपनी सुरक्षा की मांग की थी। यही वजह है कि योगी सरकार में सुरक्षा मांगने के बाद भी कमलेश तिवारी की हत्या हो गई और उनकी मां योगी को दोषी ठहरा रही हैं।