साल 2015 की आखिरी में ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने विकलांग की जगह दिव्यांग शब्द को प्रचलित करने की बात कही।

बनारस से चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री पहली बार हजारों दिव्यांगों के बीच न सिर्फ उनके जरूरत का उपकरण बांटें बल्कि विकलांग की जगह दिव्यांग शब्द भी दिया और उन्हें लुभाने की कोशिश की मगर क्या वो ऐसा करने में सफल हुए? इसका जवाब है नहीं।

दरअसल संभल जिले में बीजेपी नेता ने दिव्‍यांग युवक को पीटकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दी।

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इतना ही नहीं बीजेपी नेता ने युवक को पीटते हुए उसके मुंह में डंडा डालने की भी कोशिश की, इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

वीडियो में युवक अखिलेश यादव को वोट देने की बात कह रहा था, पुलिस पीड़‍ित को कोतवाली ले गई और शांतिभंग में चालान किया।

बताया जा रहा है कि युवक दिव्‍यांग है और उसने शराब पी रखी थी। शराब के नशे में वह गाली गलौज कर रहा था। इसके विरोध में बीजेपी कार्यकर्ता मोहम्‍मद मियां ने युवक को लाठी से पीट दिया।

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इस बीच आरोपी बीजेपी नेता मोहम्‍मद मियां का दावा है कि युवक पीएम मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को गाली दे रहा था। उन्‍होंने इसका बस विरोध किया।

अब सवाल उठता है कि अगर वो गाली भी दे रहा था तो उसे मारने का अधिकार बीजेपी नेता को कैसे मिल गया? वो पुलिस से कह सकते थे मगर यूपी में लोकतंत्र अब ‘डंडा तंत्र’ में बदलता जा रहा है।