केंद्र की मोदी सरकार (Modi Sarkar) के तमाम दावों और हाल ही में की गई टैक्स में कटौती के बावजूद ऑटो सेक्टर (Auto Sector) में स्लोडाउन जारी है। ताज़ा जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर के महीने में पैसेंजर व्‍हीकल्‍स की बिक्री में तकरीबन 24 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) की ओर से जारी किए गए आकड़ों के मुताबिक, पैसेंजर व्‍हीकल्‍स की घरेलू बिक्री सितंबर में 23.69 फीसदी से घटकर 2 लाख 23 हज़ार 317 यूनिट रह गई। पिछले साल इस महीने में 2 लाख 92 हजार 660 यात्री वाहन बिके थे।

इसके साथ ही सियाम ने कॉमर्शियल व्‍हीकल्‍स की बिक्री के भी आंकड़े जारी किए हैं, जो बेहद निराशाजनक हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कॉमर्शियल व्‍हीकल्‍स की बिक्री में 62.11 फीसदी की गिरावट आई है।

यह लगातार ग्यारहवां महीना है जब वाहनों की बिक्री में गिरावट आयी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सभी श्रेणियों के व्‍हीकल्‍स की बिक्री 22.41 फीसदी से घटकर 20 लाख 04 हजार 932 यूनिट रह गई। पिछले साल इसी महीने में 25 लाख 84 हजार 62 वाहन बिके थे।

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आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में पैसेंजर्स कार का प्रोडक्‍शन 1,80,779 यूनिट रहा जबकि इसी अवधि में बीते साल इस सेगमेंट की 2,33,351 कारों का प्रोडक्‍शन हुआ था। इस लिहाज से 22.53 फीसदी की गिरावट आई है।

वहीं पैसेंजर्स कार की डोमेस्टिक सेल्‍स की बात करें तो सितंबर 2019 में 1, 31, 281 कारों की बिक्री हुई है। जबकि इसी अवधि में पिछले साल 1,97,124 कार बिके थे। यानी पैसेंजर्स कार की डोमेस्टिक सेल्‍स में 33 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है।

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दो पहिया व्‍हीकल्‍स की बात करें तो आंकड़ों के मुताबिक, दोपहिया व्‍हीकल्‍स की बिक्री पिछले साल की 13,60,415 यूनिट की तुलना में 23.29 फीसदी कम होकर 10,43,624 यूनिट पर आ गई है। सितंबर में दोपहिया व्‍हीकल्‍स की कुल बिक्री 22.09 फीसदी गिरकर 16,56,774 यूनिट पर आ गई। पिछले साल इसी महीने में 21,26,445 दोपहिया व्‍हीकल्‍स की बिक्री हुई थी।

सियाम के ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब त्‍योहारों का सीजन चल रहा है। इस सीजन को ऑटो इंडस्‍ट्री के लिए वरदान माना जाता है। लेकिन आंकड़ों पर नज़र डालें तो हालात बेहद बदतर हैं। मारुति, हुंडई, महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टोयोटा और होंडा समेत सभी बड़ी वाहन कंपनियों की घरेलू बिक्री में दहाई अंक में गिरावट दर्ज की गई है।