लिंचिंग पर पीएम मोदी को खुला पत्र लिखने वाली 50 मशहूर हस्तियों पर FIR दर्ज हो चुकी है। अब ऐसे में सरकार की ज़िम्मेदारी थी कि वो इस मामले की निंदा करती। मगर ऐसा हुआ नहीं। FIR दर्ज होने के बाद मोदी सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री प्रकाश प्रकाश जावड़ेकर ने बयान देते हुए इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए नज़र आए, जिसमें उन्होंने कहा कि ये रिपोर्ट सरकार ने दर्ज नहीं की है।

दरअसल दलितों और मुसलमानों पर हो रहें हमले को लेकर जिन 50 मशहूर हस्तियों ने अपने देश के प्रधानमंत्री को खुला ख़त लिखा था। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी से कहा गया था कि मुसलमानों, दलितों और अन्य अल्पसंख्यकों को भीड़ द्वारा पीट पीटकर हत्या करना तत्काल रूकना चाहिए।

साथ ही ये भी अपील की गई थी कि इसपर सिर्फ निंदा करने से काम नहीं चलेगा, मगर अब इन्हीं मशहूर हस्तियों पर राजद्रोह का मुकदमा लगाते हुए उत्तर प्रदेश (UP) के मुजफ्फरपुर में FIR दर्ज कर ली गई।

अब इस मामले पर मोदी सरकार की तरफ से जो जवाब आया उसे सही कहा जाए या शर्मनाक मगर सच तो यही है कि सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री प्रकाश प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं कराया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पीएम मोदी को चिट्ठी लिखने वाली 49 हस्तियों पर सरकार ने केस दर्ज नहीं कराया है।

वहीं इससे पहले पीएम मोदी को खुला पत्र लिखने वालों में शामिल फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल ने हैरानी ज़ाहिर करते हुए कहा है कि उन्होंने कहा कि हमने पीएम मोदी से अपील की थी वो लिंचिंग पर सख्त कार्यवाई करें हमने पीएम मोदी को कोई धमकी नहीं दी जिसके लिए हमारे खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

बता दें कि रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वकील सुधीर ओझा ने इस मामले पर कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) ने बीते 20 अगस्त को ही याचिका स्वीकार कर ली थी। मगर अब जाकर सदर पुलिस स्टेशन ने FIR दर्ज की है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वकील का आरोप है कि इन हस्तियों ने देश और प्रधानमंत्री मोदी के छवि ख़राब की है।

वहीं इस मामले पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने की तरफ से कहा गया है कि FIR  भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गयी है। इसमें राजद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गईं हैं। मुजफ्फरपुर के सदर पुलिस स्टेशन में इन 49 हस्तियों के खिलाफ IPC की धारा 124A, 153B, 160, 190, 290, 297 और 504 के तहत मामला दर्ज किया गया है।