पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने गाय के प्रति प्रेम दिखाया था। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के मथुरा में पशु आरोग्य से जुड़ी कई योजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा था कि देश में कुछ लोग ऐसे हैं जो अगर गाय का नाम सुनते हैं तो उनके बाल खड़े हो जाते हैं। अब उसी प्रदेश में बारिश में भीगने के चलते पिछले 24 घंटे में करीब आधा दर्जन से अधिक गायों की मौत हो चुकी है।

दरअसल मामला हरदोई का है जहां एक सरकारी गौशाला में बीते 24 घंटे में गायों की मौत हो गई। गायों की मौत की वजह लगातार हो रही बारिश में भीगने और चारे की कमी बताई जा रही है। आनन फानन में जेसीबी मशीन बुलाकर गड्ढे में तोपने का कार्यक्रम जारी देख लोग भड़क उठे।

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वहीं दूसरी तरफ इस मामले पर प्रशासन अब लिपा पोती करने में जुट गया है। सरकारी गोशालाओं में गायों की मौत की वजह से इलाके के लोगो काफी गुस्से में है।

गाय की मौत के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई और एक साधु ने गोशाला में धरना शुरू कर दिया। इस मामले पर ग्रामीणों ने कहा कि गायों के रहने के लिए जो टीन शेड बनाया गया है वह बहुत छोटा है और इसके अलावा खाने में केवल सूखा भूसा उपलब्ध है, हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं है।

लोगों की माने तो गौशाला के कर्मचारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते पिछले कई दिनों से गोवंशों की मौत का सिलसिला जारी है। जिन्हें गौशाला में ही एक गड्ढे में डाल दिया जाता रहा। उसके बाद आवारा कुत्तों द्वारा गोवंशों के शवों को नोच खोच दिया गया।

प्रशासन ने भी इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि मौके पर से सिर्फ 3 गोवंश मृत हालत में मिले, जिनका पोस्टमार्टम कराकर उन्हें दफन कराया गया है। प्रशासन ने गायों को वृद्ध होना बताकर पूरे मामले को दबाने में जुटा है।

गौर करने वाली बात ये भी है कि गाय को माता दर्जा देकर उसके साथ फोटो खीचा लेना अगर काफी है तो इन गायों की मौत का असल ज़िम्मेदार कौन है? क्या सरकार गाय को बचा पाने में विफल साबित हो रही है? इंसान के साथ साथ जानवर भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में वो लोग भी गायब है जो गाय के नाम एक इंसान की हत्या कर देते है।

साभार- आजतक