उत्तर प्रदेश में किसानों की आत्महत्या जारी है। ताजा मामला बाँदा का है जहां कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसान की फसल को जानवरों ने बर्बाद कर दिया था। किसान पर गांव के साहूकारों का ढाई लाख का कर्ज था जिसके चलते वो काफी तनाव से गुजर रहा था।  

दरअसल पिपरगवां गांव निवासी अरविंद (32) पुत्र जवाहर लाल ने शनिवार की रात घर में कमरे के अंदर छप्पर की धन्नी में अंगौछे से फांसी लगा लिया।

काफी देर के बाद मौके पर पहुची पत्नी नीता ने देखा तो चीख पड़ी शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। दरवाजा तोड़कर परिजन कमरें के अंदर पहुचें फंदा काटकर उसे नीचे उतारा।

आनन-फानन घर वालो ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार शुरू होने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। मृतक के पिता ने बताया कि दो साल पहले उसने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण तिंदवारी शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए खेती-किसानी के लिए डेढ़ लाख रुपये का कर्ज लिया था।

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घर खर्च के लिए गांव के साहूकारों से 50 हजार रुपये का भी कर्ज ले रखा है। चार बीघा में बोई धान की फसल को अन्ना मवेशी सफाचट कर गए। बताया कि खेती-बारी आदि की देखरेख मृतक अरविंद करता था। कर्ज अदायगी न होने से वह परेशान रहता था। इसी तनाव में उसने फांसी लगाकर जान दे दी।

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