कमलेश तिवारी हत्याकांड में यूपी पुलिस के नैरेटिव को कमलेश के परिजनों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। यूपी पुलिस जहां हत्या का कनेक्शन कमलेश के 2015 के बयान से जोड़ने में लगी है, वहीं कमलेश के परिजन हत्या की वजह ज़मीनी विवाद बता रहे हैं, जो कमलेश और बीजेपी नेता शिवकुमार गुप्ता के बीच चल रहा था।

अब कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) के भतीजे ने दावा किया किया है कि कमलेश की जान शिवकुमार गुप्ता ने ज़मीन विवाद के चलते ली। उन्होंने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि बीजेपी नेता शिवकुमार गुप्ता से मंदिर की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, दस दिन पहले उन्होंने कमलेश को जान से मारने की धमकी दी थी। वहीं कमलेश की पत्नी ने भी इस बात की पुष्टी की कि शिवकुमार गुप्ता से रामजानकी मंदिर ट्रस्ट को लेकर विवाद चल रहा था।

इससे पहले कमलेश की मां ने भी हत्या के लिए सीधे तौर पर शिवकुमार गुप्ता (Shivkumar Gupta) को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मंदिर में अध्यक्ष पद के विवाद के चलते शिवकुमार ने मेरे बेटे कमलेश की हत्या की है।

कमलेश की मां का कहना है कि कमलेश के विरोध के बावजूद छल के साथ भूमाफिया शिव कुमार गुप्ता मंदिर का अध्यक्ष बन गया, तब से रंजिश चल रही थी और अब उसने मेरे बेटे की हत्या कर दी है।

बता दें कि कमलेश की शिवकुमार गुप्ता से काफी पहले से अनबन चल रही थी। कमलेश ने पिछले महीने ही शिवकुमार गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि योगी सरकार गुप्ता को बचाने की कोशिश कर रही है।

28 सितंबर को कमलेश तिवारी ने ट्विटर के ज़रिए कहा था, “निर्दोष को गोली से उडाने वाली पुलिस आजतक भूमाफिया भाजपा नेता शिवकुमार गुप्ता को आखिर क्यो गिरफ्तार नहीं किया जिसके ऊपर लखनऊ सीतापुर मे 45 केस हैं अधिकतर फर्जी वाडा कर जमीन हडपने के दर्ज जल्दी एक और जमीन हडपने का केस होगा”।

हैरानी की बात तो ये है कि इन तमाम आरोपों के बावजूद भी अभी तक शिवकुमार गुप्ता के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस इस हत्या का कनेक्शन कमलेश के 2015 के भड़काऊ बयान से जोड़ रही है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह (OP Singh) ने दावा किया है कि हत्या की मुख्य वजह कमलेश तिवारी का 2015 का भड़काऊ भाषण है।