‘किसी से जबरन जयश्रीराम बुलवाना हिंदू धर्म की बेइज्जती है।’ उन्होंने तबरेज अंसारी के मामले का जिक्र करते हुए कहा, ‘क्या यह हिंदुत्व है? मैं रघुवंशी हूं। श्री राम एक दयावान भगवान हैं। असली हिंदुत्व गले लगाता है, दूरियों को कम करता है, युद्ध की स्थिति नहीं बनाता।’ ऐसा कहना है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह का जिन्होंने ये एक कार्यक्रम के दौरान कही।

दरअसल पिछले कई लिंचिंग की घटनाओं में जबरन जय श्री राम के बोलवाने का चलन बढ़ा है। जिसका एक उदाहरण देखने को मिला था झारखंड में जहां तबरेज अंसारी नाम के शख्स की पीट-पीटकर ह त्या कर दी गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में जो लोग तबरेज अंसारी को बेहरमी से पीट रहें वो उससे जबरन जय श्री राम कहलवा रहें थे।

इस घटना के बाद से जय श्री राम के नारे पर कई लोगों ने सवाल खड़े किये थे। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने ऐसी घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो किया जा रहा है वह किसी भी तरह से मौलिक मूल सिद्धांतों, आस्था, प्रथाओं, सनातन धर्म के विश्वास का प्रतिनिधि नहीं है।

बल्कि ये सब चीजें हिंदू के नाम पर ओछे तरीके से की जा रही हैं ताकि हिंदू के नाम पर चल रही विचारधारा की रक्षा की जा सके। जिसमें उस जय श्री राम के नाम का जाप करवाना शामिल है जिसका असल में उससे कोई लेना-देना नहीं हैं और जिसका हम आदर करते हैं।

उन्होंने ये भी कहा कि गुंडों की एक टीम बन गई है जो कहते हैं कि मेरी टीम हमेशा सही होती है। मैं अपनी टीम को सही कहने के लिए आपके सिर पर मार सकता हूं। यदि यह लोग इस तरह के हिंदू धर्म का प्रचार करना चाहते हैं तो हमें उसका हिस्सा नहीं बनना है।

कर्ण सिंह का बयान ये दर्शाता है कि जय श्री राम के नारे का दुर्पियोग किया जा रहा है। मगर उन्होंने इस बात पर जोर नहीं दिया कि इससे पहले जय श्री राम को उग्र बनाने की कोशिश किसने की थी? सिंह ने ये कह दिया कि इस तरह की घटना का सनातन धर्म के विश्वास का प्रतिनिधि नहीं है मगर एक सच ये भी है कि दंगाई अक्सर इस धार्मिक नारे को प्रयोग में लाकर हिंसा करते है।