मोदी सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म कर दिया। जिसके बाद सोमवार शाम जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में रखे जाने वालों में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला का नाम शामिल हैं। अब महबूबा की बेटी सना मुफ्ती ने घटना पर प्रतिक्रिया दी है।

‘वॉइस नोट्स’ के ज़रिए बीबीसी से बात करते हुए सना मुफ्ती ने कहा कि जब महबूबा को हिरासत में लिया गया तो वह उनके साथ घर पर ही मौजूद थीं। महबूबा को एक सरकारी गेस्ट हाउस हरि निवास में रखा गया है, जो उनके घर से 5-10 मिनट की दूरी पर है लेकिन परिवार से किसी को उनसे संपर्क करने या मिलने की इजाज़त नहीं दी गई है। सना ने बताया, “मैं अपनी मां के साथ जाना चाहती थी लेकिन इसकी इजाज़त नहीं दी गई।”

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सना ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि फैसले से कश्मीर के नौजवान ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं क्योंकि सरकार ने धोखा किया है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रियों को निकालते वक्त कहा गया कि हमले की आशंका है, सरकार ने हमसे झूठ बोला।

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सना ने कहा- ‘हमें गुस्सा जाहिर करने की भी इजाजत नहीं है। कब तक के लिए लोगों को घरों में बंद करेंगे? अगर ये फैसला कश्मीर के लोगों के भविष्य के लिए है तो उन्हें जानवरों की तरह क्यों बंद कर दिया गया।’ सना ने कहा कि कश्मीरियों ने सेक्युलर लोकतांत्रिक भारत को चुना था और यह उनके साथ धोखा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के नेताओं से एंटी नेशनल्स जैसा बर्ताव किया जा रहा है। सना ने दावा किया किया कि बीजेपी अपने इस कदम से अपने वोट बैंक को ख़ुश करना चाहती है और उन्हें दिखाना चाहती है कि देखिए हम कश्मीरी नेताओं को इस तरह सज़ा दे रहे हैं। वो कहती हैं, “अगर मुख्यधारा के नेताओं के साथ ऐसा होगा तो भारत में यक़ीन कौन रखेगा।”

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