कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में भले ही योगी सरकार तेजी से कार्यवाई करने का दिखावा कर रही हो, भले ही मीडिया इसी बहाने हिंदू और मुसलमान को लड़ाने की कोशिश कर रहा हो लेकिन वास्तविक मुद्दे और असल पीड़ितों की बातें दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रहे।

कल दिनभर मीडिया में चला कि योगी आदित्यनाथ कमलेश तिवारी के परिवार से मिले और मिलकर उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द न्याय मिलेगा लेकिन कमलेश तिवारी की मां का कहना है कि उन्हें सीएम योगी से मिलने के लिए जबरदस्ती लाया गया।

CM योगी से मिलकर आने के बाद कमलेश तिवारी की मां ने कहा- ‘हमारे हिंदू समाज में किसी की मृत्यु के बाद 13 दिनों तक कहीं आया जाया नहीं जाता है लेकिन इनका आदेश था तो पुलिस वाले पीछे पड़े थे इसलिए हमें वहां मिलने जाना पड़ा।’ साथ ही कमलेश तिवारी की मां ने ये भी कहा कि योगी आदित्यनाथ से मिलकर वो संतुष्ट नहीं है और उन्हें योगी के ‘हाव-भाव’ ठीक नहीं लगे ।

अब अगर सीएम से मिलकर परिजनों को न्याय मिलने का आश्वासन तक नहीं है तो फिर कार्यवाही में तत्परता का जो दावा किया जा रहा है वह कितना खोखला है।

परिजन जिस एंगल पर बात कर रहे हैं उस पर जांच करने से बच रही यह सरकार आखिर क्या छुपाना चाहती है।