विकास दर में आई भारी गिरावट अब ज़िम्मेदार लोगों को भी चौंकाने लगी है। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने GDP की गिरावट पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि अप्रैल-जून में 5 फीसद जीडीपी ग्रोथ चौंकाने वाली थी।

सोमवार को एक इंटरव्यू में आरबाई गवर्नर ने कहा कि हमारा अनुमान 5.8 फीसद जीडीपी ग्रोथ का था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि 5.5 फीसद से कम ग्रोथ के बारे में किसी ने नहीं सोचा होगा। इसके साथ ही दास ने कहा कि इस बात का अनुमान लगाना मुश्किल है कि अर्थव्यवस्था में सुधार कब तक दिखेगा।

दास ने इस गिरावट के लिए सऊदी अरब के तेल संकट और ट्रेड वॉर पर अनिश्चितता की स्थिति को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में हालातों का विश्लेषण करने के बाद ही कुछ स्थिति साफ हो पाएगी।

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आरबीआई गवर्नर के इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज बब्बर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “गिरते विकास दर पर आरबीआई के मुखिया चौंक गए – ये सुनकर हम चौंक गए ! क्या अख़बारों में अर्थव्यवस्था के कमज़ोर पड़ने के बारे में नहीं लिखा गया था ? क्या जाती हुई नौकरियों के बारे में किसी ने आपको नहीं बताया?”

हालांकि इंटरव्यू के दौरान आरबीआई गवर्नर ने अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद भी जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो कदम उठाए हैं उनसे सुधार की उम्मीद है। दास ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में मंदी को देखते हुए आरबीआई ने भी ब्याज दरों में कटौती की थी। मुझे लगता है कि उचित कदम उठाए गए हैं, हालात सुधरने चाहिए।

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उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक है कि सरकार तेजी से प्रतिक्रिया दे रही है। सरकार से ऐसे संकेत नहीं मिले हैं कि अब कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके साथ ही दास ने एग्रीकल्चर मार्केटिंग में भी सुदार की उम्मीद जताई।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सरकार ने रिएल एस्टेट, एक्सपोर्ट, एमएसएमई, ऑटो सेक्टर के लिए ऐलान करने समेत बैंकों के विलय की भी घोषणा की। मुझे लगता है कि एग्रीकल्चर मार्केटिंग बड़ा एक बड़ा क्षेत्र होगा। मुझे उम्मीद है कि सरकार इसमें सुधार के लिए भी ज़रूरी कदम उठाएगी।