उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कानून व्यवस्था दम तोड़ती जा रही है। यहां पुलिस वाले तक सुरक्षित नहीं हैं तो, आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं इसकी बात करना ही बेईनामी है।

हाल ही में वाराणसी में ग्रामीणों ने 5 पुलिस वालों को बंधक बनाकर इतना मारा कि उनको अस्पताल ले जाना पड़ा। आए दिन बेकसूर आम नागरिक मारे जा रहे हैं, हत्या, लूट, फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं। ऐसे में इन दिनों यूपी में ‘जंगलराज’ कायम है।

झाँसी में पुष्पेंद्र यादव नाम के शख्स का पुलिस ने कथित एनकाउंटर किया है, हापुड़ में एक किसान की पुलिस की हिरासत में मौत हो गई। ऐसा ही मामला बदायूं और अमेठी से भी सामने आया है जिसमें क्रमशः दो लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है। जबकि राजधानी लखनऊ में पुलिस वाले ही नशीला पदार्थ की तस्करी करते पकड़े गए हैं। मार्च 2019 में दरोगा पवन मिश्रा, पवन तिवारी और प्रदीप भदौरिया ने एक कारोबारी से 1 करोड़ 85 लाख की लूट की थी।

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समाजवादी पार्टी ने यूपी की खस्ताहाल कानून व्यवस्था और कई मामलों में पुलिस वालों के नाम जाहिर होने को लेकर बीजेपी की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि, ‘यूपी में अब कौन थाने चला रहा है।’

बता दें कि अखिलेश यादव की सरकार में बीजेपी हत्या या कोई अपराध होने पर ये आरोप लगाती थी कि यूपी के थाने ‘यादव’ चला रहे हैं। इसी बात पर सपा ने पूछा है कि अब यूपी के थाने कौन चला रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के ट्वीटर से लिखा गया है कि, “प्रदेशवासियों को सुरक्षा प्रदान करने के बजाय हत्या, लूट नशीले पदार्थों की तस्करी तक में पुलिस शामिल है और बीजेपी सरकार दोषी है। आज आम नागरिक पुलिस से मदद ले या फिर अपने को बचाए ये सोचने पर मजबूर है। हम मुख्यमंत्री से जानना चाहते हैं, अब थाने कौन चला रहा है?”

वहीं दो साल के बाद आए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आकड़ें ने भी सीएम योगी के उन दावों की पोल खोलकर रख दी है। जिसमें वो यूपी की अच्छी कानून व्यवस्था और रामराज्य की दुहाई देते रहे हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी का योगीराज सबसे अव्वल है। हत्या, बलात्कार, दहेज़ हत्या और अपरहण जैसे अपराध मामलों में उत्तर प्रदेश नंबर वन है। यूपी में मार्च 2017 से योगी आदित्यनाथ की सरकार चल रही है।

बता दें कि, उत्तर प्रदेश के योगी राज में 56 हजार 11 मामले दर्ज किए गए हैं, जोकि देश भर में रिकॉर्ड सबसे ज्यादा हैं।