Siddharthnagar, UP : नए ट्रैफिक नियमों ( new traffic rules) ने आम आदमी के लिए तमाम नई परेशानी बढ़ा दी हैं। पहले चालान का डर फिर पुलिस की दादागिरी। अब आम लोगों को परेशान करने लगी है।

कुछ दिन पहले नोएडा में 35 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पुलिसिया कहर से दम तोड़ दिया। अब सिदार्थनगर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में दो पुलिस वाले एक मासूम के सामने उसके पिता को बेरहमी से पीट रहे हैं। बिना हेलमेट दिख रहा यह शख्स कानून की जद में है लेकिन कानून वाले उसे बेरहमी से पीट रहे हैं। सीने पर लात रखकर इस शख्स को पीटा जा रहा है इस दौरान जनता तमाशा देख रही है । मासूम बेरहमी से पिता को पीटते देख हाथ जोड़कर खड़ा है।

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मिड-डे मिल का वीडियो बना लेने पर पत्रकारों को जेल में डाल दिया जा रहा है। यह उत्तर प्रदेश है जहां नया नया रामराज्य आया है। पुलिस ठोंको नीति पर किसी को ठोक दे रही है। जनता खड़ी-खड़ी इस तथाकथित रामराज्य में तमाशा देख रही है। अपनी बारी का इंतजार रही है।

इसपर विपक्षी दलों सहित तमाम लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गुस्सा जाहिर किया है। हालांकि पुलिस ने आनन-फानन में इन दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है।

लेकिन क्या आम आदमी व पुलिस वालों के लिए यूपी में दो अलग-अलग कानून है ?

इसपर सवाल उठाते हुए पत्रकार नरेंद्र मिश्रा ने कहा कि चेतावनी- वीडियो आपके संवेदनशील मन को विचलित कर सकता है। यूपी पुलिस की “मर्दानगी” देखये। ट्रैफिक कानून के उल्लंघन के मामले पर किस तरह बेतरतीब पीट रहा है। पीड़ित का छोटा बेटा हाथ जोड़कर पिता को छोड़ने के गुहार लगा रहा। लेकिन वहशी पुलिस को देखये।

वीडियो सामने आया तो महज अभद्र व्यवहार बता लाइन हाजिर कर कारवाई कर ली। क्यों नहीं इसे हिंसा का प्रयास मान कर इसे गिरफ्तार किया गया? जबकि इन दिनो हर किसी को यूपी पुलिस राष्ट्रद्रोह के मामले में गिरफ्तार कर रही। मिड डे मील पर विडियो बनाने वाले को राष्ट्रद्रोह में जेल भेज दिया। क्या इनके लिए कानून अलग है।

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इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने लिखा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा लागू ‘ट्रैफ़िक टेररिज़्म’ की एक और दहशत भरी तस्वीर! बेटा ‘वर्दी धारी’ से अपने पिता को छोड़ने की गुहार लगता रहा।मुख्यमंत्री जी के ‘ठोक दो’ आदेश को लिए घूम रही ख़ाकी मानवता का एंकाउंटर करती रही। दुखद! दोषी पुलिसकर्मी पर हो सख़्त कार्रवाई।

आपको बता दें कि, उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार कानून व्यवस्था में पूरी तरह फेल होती जा रही है। हरतरफ ऐसी घटनाएं हो रही है