केंद्र की मोदी सरकार दुनिया के हर मंच से इस बात का दावा कर रही है कि कश्मीर में सब कुछ ठीक है। लेकिन सरकार के इन दावों में कितनी सच्चाई है इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जो लोग कश्मीर के हालात का जायज़ा लेना चाहते हैं, सरकार उनपर प्रतिबंध लगा रही है।

केंद्र की मोदी सरकार ने अमेरिकी सांसद क्रिस वान हालेन को कश्मीर जाने की अनुमति नहीं दी है। दरअसल, अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद क्रिस वान हालेन अपनी आंखों से कश्मीर के हालात देखने के लिए वहां जाना चाहते थे। उन्होंने इसके पिछले हफ़्ते ही भारत सरकार से इजाज़त मांगी थी। लेकिन सरकार ने उनकी अपील को नामंज़र कर दिया।

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हालांकि इजाज़त न मिलने के बावजूद क्रिस वान हालेन इस हफ्ते भारत आए और उन्होंने अधिकारियों एवं नागरिक समाज के लोगों से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर हालेन से मुलाकात करने और उनके साथ पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने की जानकारी दी।

यहां मीडिया से बात करते हुए वान हालेन ने कहा, ‘मैं कश्मीर का दौरा करके अपनी आंखों से देखना चाहता था कि क्या हो रहा है, लेकिन भारत सरकार द्वारा अनुमति नहीं दी गई। हमने करीब एक हफ्ते पहले सरकार से संपर्क किया था, लेकिन बताया गया कि वहां जाने का सही समय नहीं है।’

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उन्होंने कहा, ‘मैंने सोचा था कि वहां जाकर खुद स्थिति देखना उपयोगी होगा। मेरा निजी विचार है कि यदि आपके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है, तो राज्य में आगंतुकों को अनुमति देने से डरने की कोई बात नहीं है। मैं केवल यह निष्कर्ष निकाल सकता हूं कि भारत सरकार नहीं चाहती कि हम देखें कि वहां क्या हो रहा है।’

वहीं सरकार की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि विदेशी आगंतुकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वान हालेन को कश्मीर जाने की अनुमति नहीं दी गई।