मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की खास नज़रों के बावजूद वाराणसी में कानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान लगने लगा है।

ताजा मामला वाराणसी के डीएम-एसपी के दफ्तर से कुछ ही दूर स्थित जेएचवी मॉल का हैं जहां एक कस्टमर और शोरूम कर्मचारी के बीच इस कदर विवाद बढ़ा की मॉल फायरिंग हो गई जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए है।

दरअसल शाम चार बजे दिवाली की शॉपिंग करने जेएचवी मॉल पहुंचे हुए। इसी मॉल में एक शोरुम में डिस्काउंट को लेकर एक शख्स के साथ विवाद हो गया।

इसके बाद एक पक्ष लोगों ने लगातार फायरिंग शुरू कर दी जिसमें दो लोगों की मौत हो है और दो लोगो घायल हो गए, जिन्हें पास के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

वहीँ इस घटना के बाद मॉल में अफरा तफरी मच गई जिसे बाद में पुलिस ने काबू में किया, फ़िलहाल शोरूम को सील कर दिया गया है और पुलिस इस मामले जांच में लगी हुई है।

वहां मौजूद लोगों की माने तो कुछ लड़के ब्रान्डेड कपड़े के शोरूम में शॉपिंग करने आए थे। सामान की बिलिंग के दौरान वे डिस्काउंट को अड़ गए थे। इसी बात पर उनमें व स्टाफ में विवाद हो गया। बातचीत अचानक से बहस में तब्दील हो गई, जिसके बाद गोलियां चल गई थीं।

ये हालत तब है जब देश के प्रधानमंत्री इसी शहर से सांसद चुने जाते है और सीएम योगी महीने में एक बार ज़रूर वाराणसी दौरे पर आते है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये भी कि मॉल में कड़ी सुरक्षा होने बावजूद अंदर बंदूक कैसे चली गई?

या फिर ये कहना गलत नहीं होगा कि अब योगीराज में अपराधी मानसिकता के लोग कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए नज़र आ रहे जिसमें कहा जाता है प्रदेश को अब अपराध मुक्त बनाना है।