शाहजहांपुर में लॉ कॉलेज की छात्रा से यौन शोषण का आरोपी बीजेपी नेता एवं पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पिछले चालीस दिन से जेल में बंद है। चिन्मयानंद अपनी जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका डाली थी जिसे कोर्ट ने टाल दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट अब चिन्मयानंद जी जमानत अर्जी को आठ नवंबर तक के लिए टाल दी। ऐसे में चिन्मयानंद को अगली सुनवाई तक जेल में ही रहना पड़ेगा।

हाईकोर्ट चिन्मयानंद के वकील ने कहा कि, चिन्मयानंद निर्दोष है पीड़ित छात्रा ने इन्हें फंसाया है। चिन्मयानंद को स्किन की बीमारी है, जिसके लिए उन्हें तेल की मसाज करानी पड़ती है। छात्रा से उन्होंने इसीलिए मालिश कराई थी क्योंकि उसका परिवार काफी दिनों से उनके आश्रम में आता था।

उसके वकील ने बाकायदा मसाज को जरुरी बताते हुए डॉक्टर के पर्चे भी कोर्ट में पेश किए! गौरतलब है कि, चिन्मयानंद की छात्रा से नंग्न अवस्था में मालिश करवाने का वीडियो सामने आ चुका है।

इसपर पीड़ित छात्रा के वकील ने चिन्मयानंद की दलील का भारी विरोध किया। वकील ने कहा कि, “अगर डॉक्टर ने मालिश जरुरी बताया था तो पूरे कपडे उतारने और पोती की उम्र की लड़की को ही क्यों चुना गया था। यह काम आश्रम के किसी नौकर या सेवादार से भी करवाया जा सकता था।” चिन्मयानंद के इसका जवाब नहीं दे सके।

पीड़ित छात्रा के वकील ने चिन्मयानंद की जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया और अपना जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सकरार को भी जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। क्योंकि यूपी की योगी सरकार ने इस मामले में छात्रा और चिन्मयानंद दोनों की तरफ से अपराध किए जाने की बात कही है।