कानून सबके लिए बराबर होता है चाहे वो कोई भी हो। मगर भारत जैसे देश में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि कानून सबके लिए बराबर होता होगा। मगर नए मोटर एक्ट के तहत में आम आदमी से लेकर सत्ता का रसूख दिखाने वाले के खिलाफ भी एक्शन लिया जा रहा है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बरेली में देखने को मिला जहां BJP नेता का चालान होने पर नाराज़ हो गया।

दैनिक जागरण के अनुसार, BJP के महानगर उपाध्यक्ष व व्यापारी नेता देवेंद्र जोशी की गाड़ी प्रभा टाकीज के सामने बैंक के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान ट्रैफिक विभाग की क्रेन आई और नो पार्किंग में खड़ी कार को उठाने लगी। इससे पहले की क्रेन कार को ले जा पाती देवेंद्र जोशी आ गए।

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उनकी ट्रैफिक पुलिस के सिपाही व क्रेन चालक से कहासुनी हुई। जिसके बाद चालक ने क्रेन से कार को उतार दिया। कुछ देर बाद देवेंद्र जोशी, व्यापारी नेता शोभित सक्सेना व राजकुमार राजपूत आदि एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार के ऑफिस पहुंच गए।

वहां क्रेन चालक को खड़ा देखा तो उससे कहासुनी हो गई और भाजपा नेता व व्यापारी नेताओं ने क्रेन चालक को पीट दिया। हाथापाई होती देख एसपी ट्रैफिक अपने कार्यालय से बाहर आए और उन्होंने बीच बचाव किया था, विवाद में क्रेन चालक का चश्मा तक टूट गया था।

अब इसे सत्ता का रसुक कहें या गुंडई अगर सत्ता में रहने वाले ही नियमों का पालन नहीं करेंगे तो कौन करेगा? ऐसे में अगर पुलिस वाले ने उनका चालान कर दिया तो उसे ही पीटना ये दर्शाता है कि कैसे नियम सिर्फ आम इंसानों के लिए बनाए जाते है सत्ता में बैठे नेताओं के लिए नहीं क्योंकि वो गलती होने पर पुलिस की पिटाई भी कर सकता है।

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बता दें कि नए नियम के मुताबिक, नाबालिग के गाड़ी चलाने पर 25 हजार रुपए का जुर्माना, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा और नाबालिग का ड्राइविंग लाइसेंस 25 साल से उम्र तक नहीं बनेगा। बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाने पर 500 से 1500 रुपए का जुर्माना, पहले ये 100 से 300 रुपए था। दुपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने पर जो जुर्माना पहले 100 रुपए था अब वो 500 रुपए हो गया है।

रेड लाइट की जंप तो 10 हजार रुपए जुर्माना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट न होने पर पहले 100 रुपए भरने पड़ते थे, अब 500 रुपए देने होंगे। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते पाए जाने पर अब 500 की जगह 5000 रुपए देने होंगे। खतरनाक ड्राइविंग करने पर अब एक हजार की बजाए 5 हजार रुपए देने होंगे।