उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर में पत्रकार को भीड़ ने अपना निशाना बना लिया। मौके पर मौजूद पुलिस तमाशा देखती रही और देखते ही देखते पत्रकार को लगातर पीटा गया और उसके कपड़े भी फाड़ दिए। गुस्साई भीड़ पत्रकार के वीडियो और फोटो शूट करने से नाराज़ हो गई थी। जिसके चलते पत्रकार कृष्णा कुमार सिंह को भीड़ का शिकार होना पड़ा।

इस मामले पर पत्रकार साक्षी जोशी ने मीडिया पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- एक पत्रकार के साथ हुई मॉब लिं चिंग की घटना के बाद ये साफ हो चुका है कि आप सबसे बड़े मूर्ख हैं अगर आप सोचते हैं ये तो किसी एक धर्म, जाति के साथ हो रहा है।

अब ये लोग किसी का पेशा भी नहीं देखते। अगर इन्हें किसी से नफरत होने लगी तो ये उसे मॉब लिं च करेंगे। अगला नंबर आपका भी हो सकता है।

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साक्षी ने आगे लिखा- मीडिया से गुजारिश है याद करे 2014 से पहले वाले मीडिया को। पेट्रोल डीज़ल पर भी तब सरकार को आड़े हाथ लेता था। वो रीढ़ वापस आएगी या नहीं या अपने किसी साथी या खुद के लिं च होने का इंतजार कर रहे हो! स्टूडियो में बैठकर दंगे आप भड़काते हो, खामियाज़ा फील्ड में मौजूद आपके साथी उठा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीते सोमवार (2 सितंबर) को मिर्ज़ापुर के सद्दूपुर क्षेत्र में हिंदी समाचार पत्र के पत्रकार कृष्ण कुमार सिंह ने एक मृतक महिला का पोस्टमार्टम कर रहे चिकित्सक डा वीके तिवारी और डा जमील अनवर को विपक्षियों द्वारा किसी बात को लेकर मारने के लिए गेट के अंदर जाने का प्रयास करते देखा।

जिसकी वो फोटो व वीडियो बनाने लगे। जब भीड़ ने उन्हें देखा तो पत्रकार पर टूट पड़ी उनको जमकर पीटा और उनके कपड़े तक फाड़ दिए।

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बता दें कि पिछले दिनों सरकार स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मेड-डे मिल में रोटी नमक देने पर रिपोर्ट बनाने वाले पवन जयसवाल के खिलाफ डीएम ने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जिसे लेकर डीएम ने बाद में ये बयान दिया था कि पत्रकार अगर प्रिंट का था तो उसे फोटो खिचनी चाहिए तो वीडियो नहीं बनाना चाहिए था।