उन्नाव पीड़िता के एक्सीडेंट के बाद योगी सरकार ने तमाम तरह का ऐलान किया। जिसमें पीड़िता और वकील के इलाज का खर्चा उठाना जैसी बातें कही गई। मगर सरकार की तरफ से ना पीड़िता से कोई मिलने पहुंचा और ना ही पीड़ित परिवार से किसी ने मिलने की ज़हमत उठाई, मगर दावे हर तरफ बड़े बड़े किये जा रहें है।

इस मामले पर लगातार पीड़ित परिवार के साथ बनी रही दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी।

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उन्होंने लिखा- सबसे दुखद पता है क्या है? अब तक न तो योगी आदित्यनाथ लड़की से मिलने आए, न सैंगर को MLA से हटाया, न मुआवज़ा दिया, न बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजा, न केस फ़ास्ट ट्रैक किया।

ये सब उनके 1 इशारे पे हो सकता था! शायद इसको ही सत्ता का नशा कहते हैं जहाँ ग़रीब की चीख़ सुनायी नहीं देती!

गौरतलब हो कि एक्सीडेंट के ठीक बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने तो पीडिता से अस्पताल जाकर मुलाकात की। मगर सरकार की तरफ से कोई पीड़ित परिवार का हाल लेने नहीं पहुंचा और ना ही सरकार के किसी मंत्री ने इस मामले पर ट्वीट किया है। ऐसे में क्या ये मान लिया जाये की सरकार इस मामले को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ करने में लगी है।

बता दें कि BJP विधायक होने के चलते सेंगर को गिरफ्तार करने में देरी लगी थी। सेंगर के खिलाफ उन्नाव के माखी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।