‘मेरे पति ने मुझे मारा है और मुझे जान से मारने की धमकी दी है। उन्होंने तो मुझे बंदूक से गोली मार देने की धमकी दी है। मेरे पति मंत्री हैं, फिर भी उन्होंने इस तरह से बर्ताव किया। मैंने यूपी के मुख्यमंत्री योगी जी को और प्रधानमंत्री को ख़त लिखा है। मैं अपने ऊपर लगाए सारे आरोपों का जवाब कोर्ट में दूंगी।’

ये बयान है योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं बाबूराम निषाद की पत्नी नीतू निषाद का। जिन्होंने ये बात मीडिया से कही है। अब ऐसे एक बार फिर सवाल उठ खड़ा हुआ कि जब बीजेपी नेता अपनी पत्नी पर ही इस तरह का बर्ताव कर रहें है तो ऐसे में कैसे मान लिया जाये कि प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित है।

दरअसल बीते बुधवार को राज्यमंत्री ने प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय में उपस्थित होकर धारा 13 हिंदू विवाद अधिनियम दाखिल करते हुए तलाक की गुहार लगाई थी। मामले में अदालत ने समन जारी करते हुए नीतू निषाद को आगामी 30 अक्तूबर को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। कहा जा रहा है कि राज्यमंत्री अपनी पत्नी के सोशल मीडिया पर लिखी गई पोस्ट से नाराज़ थे।

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फेसबुक पर अपने मंत्री पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कई पोस्ट किए थे। यही नहीं नीतू ने मंत्री पर मारपीट तक गंभीर आरोप लगाया था। इसके बाद वो अपने पति के खिलाफ लखनऊ के कैसरबाग थाने में रिपोर्ट भी लिखवाई थी।

मगर जब पति मंत्री हो तो सुनवाई किस पत्नी की होती है। इसके बाद नीतू ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर पति के खिलाफ मुकदमा लिखे जाने की गुहार लगाई है। नीतू का आरोप है कि शादी के बाद 14 वर्षों से उनके पति उसके साथ मारपीट, गाली गलौज कर रहे हैं।

इस मामले पर मंत्री ने सफाई दी है उन्होंने कहा कि पत्नी का चाल चलन पिछले कुछ वर्षों से ठीक नहीं है। समझाने पर वह झगड़े पर आमादा हो जाती है। उन्होंने ये भी कहा कि पत्नी झूठे प्रार्थना पत्र देकर लगातार प्रताड़ित कर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रही है। पत्नी उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने के फिराक में है, पत्नी लाखों रुपयों की मांग करती है जो दे पाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में पत्नी के साथ रह पाना संभव नहीं है।