बीजेपी के अपने विधायक ने इस बात की तस्दीक़ की है कि जो भी पार्टी के ख़िलाफ़ बोलता है सरकारी जांच एजेंसियां उसके पीछे पड़ जाती हैं।

गोवा में बीजेपी के विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री फ्रांसिस डिसूजा ने कहा कि अगर वह अपनी ही पार्टी के ख़िलाफ़ बोलते हैं तो उन्हें केंद्रीय एजेंसियों (सीबीआई और ईडी) की छापेमारी का सामना करना पड़ेगा।

बुधवार को मीडिया से बता करते हुए डिसूजा ने कहा, ‘अगर मैं पार्टी के खिलाफ़ बोलता हूं तो मेरे ऊपर आईटी, सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियां छापा मार सकती है। मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार भी किया जा सकता है।’

डिसूजा का कहना है कि आयकर विभाग की रेड पूर्व खेल मंत्री रमेश तावड़कर पर हुई है, इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर को भी आयकर विभाग से नोटिस आया है। ये सब मेरे साथ भी हो सकता है और मैं तैयार हूं।

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डिसूजा आगे बताते हैं कि इस तरह की कार्रवाई पूरे देश में हो रही है। उन्होंने बताया कि विरोध की आवाज़ को दबाने के लिए ये सब हो रहा है, लेकिन इसके पीछे कौन है मैं नहीं जानता।

बीजेपी विधायक ने कहा कि इससे पहले जब मैंने पार्टी के खिलाफ बोला था तब राज्य की पारसेकर सरकार में मेरे ठिकानों पर आईटी विभाग ने छापेमारी की थी।

आए दिन केंद्रीय जांच एजेंसियों पर इस तरह के आरोप लगते रहे हैं कि वह सरकार के इशारों पर काम करती है और जो भी नेता सरकार पर हमलावर होते हैं उनके खिलाफ ये एजेंसियां छापेमारी करती है।

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बता दें कि अपने इलाज के लिए डिसूजा अमेरिका गए हुए थे। खराब सेहत का हवाला देते हुए उन्हें मंत्री पद से मुक्त कर दिया गया था।

इस फैसले को लेकर डिसूजा ने नाराज़गी ज़ाहिर की थी। अमेरिका से लौटने पर संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि उन्हें अपने भविष्य को लेकर डर है।