जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का जो लोग जश्न मना रहे हैं, उनमें से ज़्यादातर इसके बारे में कुछ नहीं जानते। ये बात इंडिया टुडे की एक ग्राउंड रिपोर्ट से सामने आई है।

दरअसल, इंडिया टुडे के संवाददाता कमलेश सुतार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम में बड़ी तादाद में बीजेपी कार्यकर्ता इकट्ठा हुए थे, जो कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसका जश्न मना रहे थे।

लेकिन जब कमलेश सुतार ने कार्यक्रम में मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं से अनुच्छेद 370 और कश्मीर के बारे में सवाल किए तो उन्होंने ऐसे जवाब दिए, जो बेहद शर्मनाक थे। ज़्यादातर बीजेपी कार्यकर्ता कमलेश को यही नहीं बता पाए कि कश्मीर से किस अनुच्छेद को हटाया गया है। किसी ने कहा अनुच्छेद 317 तो किसी ने 217 बता डाला।

इनमें से कुछ ने अपनी काबिलियत साबित करने के लिए बताया कि कश्मीर में तिरंगा नहीं, दूसरा झंडा फहराया जाता था, अब मोदी सरकार के फैसले के बाद वहां भी तिरंगा फहराया जाएगा। लेकिन जब इन काबिल कार्यकर्ताओं से कश्मीर के झंडे का रंग पूछा गया तो उनकी बोलती बंद हो गई।

इसी तरह वहां मौजूद एक महिला कार्यकर्ता से जब कश्मीर की विधानसभा के कार्यकाल के बारे में पूछा गया तो वहां से भी जवाब नहीं मालूम का ही मिला। इसके बाद कमलेश ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से पूछा कि कश्मीर का जिस वक्त भारत से विलय हुआ उस वक्त वहां के राजा कैन थे, जिसका जवाब मिला पान सिंह।

हैरानी की बात तो ये है कि ये सभी लोग कश्मीर पर सरकार के फैसले का स्वागत करने के लिए इकट्ठा हुए थे, लेकिन इनमें से ज़्यादातर को कश्मीर के बारे में ही नहीं पता था। इनमें से ज़्यादातर उस अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का जश्न मना रहे थे, जिसके बारे में वह कुछ भी नहीं जानते। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि सरकार के इस फैसले का जश्न मनाने वाले लोग कश्मीर को लेकर कितने गंभीर हैं।

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