उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक बड़ी गलती कर दी। मोदी ने यूपी में बने सपा-बसपा और आरएलडी के मजबूत गठबंधन की तुलना ‘शराब’ से कर डाली! संभवतः ये पहली बार है जब आजाद भारत के किसी प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर शराब शब्द भी बोला हो!

उन्होंने कहा कि, “सपा का स, रालोद का रा और बसपा का ब मतलब सराब! ये सराब आपको बर्बाद कर देगी। शराब को सराब कहते हुए पीएम मोदी ने चुनावी सभा में सार्वजनिक तौर पर शराब का नाम ले लिया। जिस शराब को अबतक नेता अपने क्षेत्र में रातों-रात बंटवाते थे उसी शराब को प्रधानमंत्री पद पर बैठे नरेन्द्र मोदी ने आम जनता के बीच बोल दिया। भले ही उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी दलों के बारे में कहा हो। क्या ये एक प्रधानमंत्री को बोलना शोभा देता है?

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों में लेते हुए हमला किया। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि, “मोदी जी ने आज तीन राजनैतिक दलों समाजवादी पार्टी, बसपा और आरएलडी की तुलना शराब से की। क्या देश के प्रधानमंत्री को ये शोभा देता है? क्या यह प्रजातंत्र की मर्यादा है? लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ रहे दलों को शराब बताने को देश स्वीकार्य नहीं करेगा।”       

बीजेपी को 2014 के लोकसभा चुनाव में सहयोगियों के साथ मिलकर 73 प्राप्त हुई थीं। लेकिन इस लोकसभा चुनाव में बने सपा-बसपा और आरएलडी गठबंधन के आगे बीजेपी को कड़ी चुनौती मिल  रही है। इसीलिए पीएम मोदी ज्यादातर अपने भाषणों में गठबंधन पर हमले कर रहे हैं। गठबंधन की ताकत प्रधानमंत्री और बीजेपी गोरखपुर, फूलपुर और कैराना उपचुनाव में देख चुके हैं। यही वजह है कि यूपी में गठबंधन बीजेपी के सामने कहीं ज्यादा मजबूत है।       

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