मोदी लहर के दम पर लगातार एक के बाद एक 21 राज्यों में सरकार बनाने वाली बीजेपी के लिए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का बयान सुनने की शायद ही क्षमता हो.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मु्ख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने 2014 वाली नरेंद्र मोदी लहर को इस बार नकार दिया है.

उनके अनुसार, अब नरेंद्र मोदी का जादू इस बार वैसा नहीं होना वाला जैसा 2014 के चुनावों में था. इसी के साथ बाबूलाल गौर ने यह भी कहा कि यदि बीजेपी 2019 में अपनी सरकार फिर से देखना चाहती है तो इस बार उसे प्रचार के साथ साथ अच्छे उम्मीदवारों को भी टिकट देकर मैदान में उतारना होगा.

मध्यप्रदेश और 2019 के लोकसाभ चुनावों के नज़दीकी को देखते हुए बीजेपी के एक वरिष्ट नेता के इस प्रकार के बयान के बाद ना सिर्फ पार्टी को इससे नुकसान होगा बल्कि पार्टी में बागी हुए नेताओं की आवाज़ और मुखर होगी. साथ ही साथ इस बयान को उनकी पार्टी से नराज़गी से भी जोड़ कर देखा जा रहा है.

दरअसल बाबूलाल गौर भोपाल की गोविंदपुरा सीट से पिछले 44 सालों से जीतते आ रहें हैं. बाबूलाल गौर की 75 पार उम्र को देखते हुए बीजेपी में उन्हें टिकट दिए जाने की संभावना अब कम ही है. इसी कारण बाबूलाल चाहते हैं कि उनकी पारंपरिक सीट से उनकी पुत्रवधू कृष्णा गौर को इस बार पार्टी टिकट दे.

मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होने है. इसके मध्यनज़र बीजेपी ने आज पहली उम्मीदवों की लिस्ट जारी की है. बाबूलाल गौर की गोविंदपुरा सीट अभी इस लिस्ट से बहार है तथा दुसरी लिस्ट में वह उम्मीद रखे हुए है कि पार्टी उनकी पारंपरिक सीट को उन्हीं के परिवार के सदस्य को दे.

मध्यप्रदेश में बीजेपी के 15 सालों के कार्यकाल के बाद भी राज्य में भूखमरी जैसे मुद्दे जीवित हैं. व्यापम घोटाले ने भी सरकार की छवि को भारी नुकसान पहुंचाया है. पिछली बार मोदी लहर के दम पर मध्यप्रदेश में सरकार बनाने वाली बीजेपी के लिए मोदी मैजिक का कम होना पार्टी को सत्ता से बहार रख सकता है.