आखिरकार राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने लम्बे इंतेजार के बाद अपने आकड़ें जारी कर दिए हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट ने उन सभी राज्यों की पोल खोल कर रख दी है जो अपने राज्य में अच्छी कानून व्यवस्था और रामराज्य की दुहाई दे रहे हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी का योगीराज सबसे अव्वल है। हत्या, बलात्कार, दहेज़ हत्या और अपरहण जैसे अपराध मामलों में उत्तर प्रदेश नंबर वन है। यूपी में मार्च 2017 से योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार चल रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017 में भारत में करीब 28 हजार लोगों की हत्याएं हुई हैं। जिसमें सामने आया है कि देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी बढ़ोतरी हुई है। आकड़ों के मुताबिक देश भर में महिलाओं के साथ अपराध के 3 लाख 59 हजार 849 मामले दर्ज किए गए।

महिलाओं के खिलाफ अपराध के आकड़ें लगातार तीसरे साल घटने की बजाय बढ़े हैं। महिलाओं के साथ अपराध के मामलों में हत्या, बलात्कार, दहेज़ हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाना, एसिड हमले, महिलाओं के खिलाफ क्रूरता और अपरहण शामिल हैं।

NCRB रिपोर्ट : एक साल में 28 हजार लोगों की हत्या, योगी का ‘रामराज्य’ बना अपराध में नंबर वन

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के योगी राज में 56 हजार 11 मामले दर्ज किए गए हैं, जोकि रिकॉर्ड सबसे ज्यादा हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र हैं जहां 31 हजार 979, पश्चिम बंगाल में 30 हजार 992, मध्य प्रदेश में 29 हजार 778, राजस्थान में 25 हजार 993 और असम में 23 हजार 82 अपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के अपराध में मामले में सबसे अव्वल रहने पर योगी सरकार में रहे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, “डरिए, सहमिए। आप यूपी में हैं। योगी आदित्यनाथ गला फाड़-फाड़ कहते हैं कि यूपी में अपराध का ग्राफ गिरा है। बदमाशों में खौफ है, वो यूपी छोड़कर दूसरे प्रदेशों में पनाह ले रहे हैं। एनकाउंटर वाली पुलिस रिकॉर्डतोड़ एनकाउंटर के लिए अपनी पीठ थपथापाती है।

NCRB के आकड़ों के मुताबिक, साल 2017 में देशभर में अपराध के 50 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। वहीं वर्ष 2016 में देशभर में 48 लाख मामले या एफआईआर दर्ज किए गए। जबकि 2016 में (30450) और 2017 में (28653) हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं।

वहीं अपरहण की मामलों पर नाराज डालें तो, साल 2017 में अपहरण के 95 हजार 893 मामले दर्ज किए गए और 2016 में 88 हजार 8 मामले दर्ज किए गए हैं।