एक तरफ देश की अर्थव्यवस्था की हालत दिनोंदिन बिगड़ती चली जा रही है दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के खजाने को विदेशों में आर्थिक मदद के रूप में लुटाने को तैयार हैं।

एक तरफ खबर आ रही है कि विकास दर अप्रत्याशित रूप से घट रही है, सरकारी खज़ाना खाली हो रहा है, दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी रूस की आर्थिक मदद का ऐलान कर रहे हैं।

दरअसल, अपने रूस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि वह रूस को एक अरब डॉलर की आर्थिक मदद करेंगे। देश की आर्थिक आर्थिक जरूरतों को बनाए रखने औऱ अर्थव्यवस्था संभालने के नाम पर यही सरकार आरबीआई से रिजर्व का पैसा भी ले ले रही है और बाहर आर्थिक मदद की बातें कर रही है तो सवाल उठता है कि देश का खजाना खाली होने की खबर झूठी है या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की कोई फिक्र नहीं है।

अर्थशास्त्री अरुण कुमार का दावा- आज देश की GDP 5% नहीं 0% है और जिसकी वजह नोटबंदी-जीएसटी है

रूस को आर्थिक मदद की ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चौतरफा आलोचना होने लगी। विपक्षी दलों के तमाम नेताओं समेत अन्य लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देने लगे।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने लिखा- घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने! वाह मोदीजी वाह आपके जज्बे को सलाम, जो हिंदुस्तान के बाद पुतिन तक को जुमला फेक आये! कहा गए GST, नोटबंदी के पैसे, देश में आर्थिक इमरजेंसी चल रही है। फेको जितना फेकना है जनता है सब समझती है।

बता दें कि शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश का आर्थिक विकास दर 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में घटकर पांच फीसद रह गया है। यह पिछले छह साल का न्यूनतम स्तर है। बताया जा रहा है कि मैन्युफैक्चरिगं सेक्टर में गिरावट और कृषि उत्पादन की सुस्ती से जीडीपी वृद्धि में यह गिरावट आई है।

इससे पहले वित्त वर्ष 2012-13 की जनवरी से मार्च अवधि में देश की आर्थिक वृद्धि दर सबसे निचले स्तर 4.9 प्रतिशत पर रही थी। एक साल पहले 2018-19 की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर आठ प्रतिशत के उच्च स्तर पर थी। जबकि इससे पिछली तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2019 में वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रही थी।