देश इस वक़्त आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऑटो सेक्टर से लेकर टेक्सटाइल सेक्टर और आईटी सेक्टर सभी मंदी की मार झेल रहे हैं। जीडीपी तीन फीसदी गिरकर अपने साढ़े 6 साल के न्यूनतम स्तर यानि 5 फीसदी पर रह गई है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने भी मान लिया है कि मौजूदा वक्त में देश जिस आर्थिक संकट से गुज़र रहा है, वैसा 70 सालों में कभी देखने को नहीं मिला।

मगर भारत के सबसे तेज टीवी चैनल ‘आज ताज’ की एंकर चित्रा त्रिपाठी ने मोदी सरकार2 के 100 दिन पूरे होने पर ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम किया। कार्यक्रम का नाम ‘100 दिन की सरकार, विपक्ष लाचार’ रखा गया। मीडिया को मोदी सरकार के 100 पूरे करने पर ‘विपक्ष’ लाचार दिख रहा है, मगर 100 दिनों में अर्थव्यवस्था औंधे मुँह 5 फीसदी पर आ गई उसके बारे में कोई चर्चा नहीं है। टीवी मीडिया की ऐसी कौन सी मजबूरी है जो वो सरकार की स्वस्थ्य आलोचना नहीं कर रहा?

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हैरानी की बात तो ये है कि देश पर मंडरा रहे इस आर्थिक संकट पर नीति आयोग से लेकर पूर्व आरबीआई गवर्नर तक ने अपनी चिंता व्यक्त कर दी, लेकिन देश का मेनस्ट्रीम मीडिया इसपर ख़ामोश है। चैनलों पर इस मुद्दे को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने आजतक के हल्ला बोल कार्यक्रम पर ट्वीट करते हुए कहा कि, “देश में आर्थिक मंदी और चारों तरफ हाहाकार मचा है, फिर भी आंख पर भगवा पट्टी बांधे हो पत्रकार। मोदी सरकार से सवाल पूछने के बदले बता रहे हो विपक्ष को लाचार। ऐसी क्या मजबूरी है जो भाजपा प्रवक्ता बन बैठे हो पत्रकार?

बता दें कि चालू वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट गिरकर ​महज 5 फीसदी रह गई है। वहीं अगर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट और एग्रीकल्चर सेक्टर में सुस्ती ने देश की जीडीपी ग्रोथ को जोरदार झटका दिया है। इससे पहले, 2012-13 की अप्रैल-जून तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 4.9 फीसदी के निचले स्तर दर्ज की गई थी।