देश की सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था के चलते बेरोजगारी भी धीरे-धीरे विकराल रूप ले रही है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वो लोगों में भरोसा पैदा करें कि स्थिति सामान्य हो जाएगी। मगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा है कि, “वो पढाई के बाद नौकरी के पीछे ना भागें।“

दरअसल, सीएम योगी मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नालॉजी के चौथे दीक्षांत समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। उन्हें जब छात्रों से बात करने का मौका मिला तो उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि उन्हें डिग्री मिलने के बाद नौकरी के पीछे भागने की जगह समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। लेकिन योगी ने ये छात्रों को ये नहीं बताया कि छात्र किस तरह से समाज के विकास में योगदान दें?

योगी बोले- डिग्री वाले युवा नौकरी के पीछे ना भागें, कांग्रेस नेता बोलीं- क्योंकि नौकरियां हैं ही नहीं

योगी के इस बयान पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, “नौकरी के पीछे मत भागो! नौकरियां तो भाग चुकी हैं! अब राम मंदिर के लिए जोर लगाओ। दंगे करो, मॉब लिंचिग करो।“

किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री शायद ही ऐसा बयान दें कि छात्रों को चाहिए की वो पढ़ाई पूरी कर नौकरी के पीछे ना भागें सामजिक कार्यों में लग जाये। क्या ऐसा आज के दौर में मुमकिन है? आज़ादी के ठीक बाद ऐसा हुआ भी। मगर आज़ादी के 70 साल जब भारत जैसा दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ार बन चुका है।

ऐसे में योगी बढ़ती बेरोजगारी के लिए रामबाण इलाज खोज कर लाये हैं। उन्होंने छात्रों से बात करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह गुरुकुल की परंपरा को जीवित रख रहे हैं। इससे छात्रों को सच बोलने की प्रेरणा मिलती है और वह सही रास्ते पर चलते हैं।

इससे पहले सीएम योगी बोल चुके हैं कि सरकारी नौकरियां तो बहुत हैं मगर इसके लिए काबिल लोग नहीं हैं। हालाँकि आए दिन राजधानी लखनऊ की सड़कों पर रोजगार को लेकर विरोध प्रदर्शन होते रहते हैं। सीएम योगी के पास बेरोजगारों के इस सवाल का जवाब नहीं है।