आगरा में जिस तरह से दबंगों ने स्कूल से आ रही दलित छात्रा को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया, उससे यूपी की कानून व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।

योगीराज में इन दबंगों की गुंडागर्दी के पीछे लचर कानून व्यवस्था इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि घटना के बाद भी न गंभीरता दिखाई जा रही है न संवेदनशीलता।

यहां तक कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभी तक घटना पर मुंह नहीं खोला है । स्कूल से वापस आ रही 10वीं की छात्रा संजलि को जिंदा जलाने वाले अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर घूम रहे हैं और सीएम योगी पीड़ित परिवारों की सुध तक नहीं ले रहे हैं।

दबंगों ने ‘दलित बेटी’ को जलाकर मार डाला मगर योगी ने नहीं ली सुध! न आरोपियों की गिरफ़्तारी हुई, न पीड़ित परिवार को मुआवजा मिला

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह यादव ने लिखा कि, आगरा की बेटी ने नहीं उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था ने दम तोड़ा है।

18 दिसंबर को दिल दहला देने वाली घटना के बाद 19 दिसंबर को अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।

इसके बाद डिंपल यादव ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए योगी सरकार को फटकार लगाई थी