अपने रूस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि वह रूस को एक अरब डॉलर की आर्थिक मदद करेंगे। देश की आर्थिक आर्थिक जरूरतों को बनाए रखने औऱ अर्थव्यवस्था संभालने के नाम पर यही सरकार आरबीआई से रिजर्व का पैसा भी ले ले रही है और बाहर आर्थिक मदद की बातें कर रही है तो सवाल उठता है कि देश का खजाना खाली होने की खबर झूठी है या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की कोई फिक्र नहीं है।

रूस को आर्थिक मदद की ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चौतरफा आलोचना होने लगी। विपक्षी दलों के तमाम नेताओं समेत अन्य लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देने लगे।

रूस को 1 अरब डॉलर की मदद पर बोले राजभर- हिंदुस्तान के बाद पुतिन को भी जुमला फेंक आए ‘साहेब’

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ज़ोरदार कटाक्ष करते हुए लिखा- आप लोग कह रहे हैं BSNL के कर्मचारियों को सेलरी देने का पैसा नही, आप लोग शोर मत मचाइए सरकार रूस को 1 अरब डॉलर क़र्ज़ दे रही है आपको सेलरी तो बाद में भी मिल जायेगी।

बता दे कि देश की बड़ी सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL खर्च में कटौती करने के लिए अपने आधे कर्मचारियों को वॉलंटरी रिटायरमेंट देने की तैयारी कर रही है।

इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में बीएसएनएल के चेयरमैन प्रवीण कुमार पुरवार ने कहा कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद बीएसएनएल अब 70 से 80 हज़ार कर्मचारियों को VRS यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट देने की तैयारी में है। बीएसएनएल काफी लंबे समय से घाटे में चल रही है। कंपनी पर लगभग 15,000 करोड़ रुपए का कर्ज़ है। कंपनी ज़मीन लीज़ और रेंट पर देकर कर्ज़ से उबरने की कोशिश कर रही है।

आर्थिक तंगी से जूझ रही BSNL अपने 70-80 हज़ार कर्मचारियों को करेगी वक़्त से पहले रिटायर!

बीएसएनएल की कुल आमदनी का करीब 55 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के वेतन पर खर्च होता है। इस खर्च में हर साल आठ फीसदी की बढ़ोत्तरी हो जाती है। आर्थिक तंगी के चलते बीएसएनएल अपने कर्मचारियों को वेतन भी समय से नहीं दे पा रहा।

बीते आठ महीनों में तीन बार ऐसा हुआ है जब कर्मचारियों को वेतन समय से नहीं मिला है। बीएसएनएल ने सरकार के सामने बैंकों से लोन लेकर अपने खर्चे पूरे करने का प्रस्ताव रखा लेकिन सरकार ने नामंजूर कर दिया।