झारखंड के बारीडीह मंडल के बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख कुमार विश्वजीत के बेटे आशीष ने आत्महत्या कर ली।

इकलौते बेटे के आत्महत्या कर लेने से दुखी पिता ने अब खुद ही सच्चाई साझा करते हुए स्थानीय मीडिया से बताया है कि उनका बेटा आशीष नौकरी चली जाने के डर से परेशान था। इसके साथ ही बीजेपी नेता ने ये भी स्वीकारा है कि आशीष ने पिता से 1 हफ्ते पहले नौकरी चले जाने के अपने डर को साझा किया था। साथ ही बताया था कि जिस कंपनी में काम करता है वो टाटा मोटर्स के लिए पार्ट्स बनाती है और टाटा मोटर्स समेत पूरा ऑटो सेक्टर लगभग बर्बादी की कगार पर जा रहै है। जिसका अप्रत्यक्ष असर है कि उसकी कंपनी में भी छंटनी होगी और उसे नौकरी से निकाला जा सकता है।

आशीष भले ही खड़ंगाझार की एक कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर था लेकिन उसकी कंपनी तो टाटा मोटर्स पर ही निर्भर थी इसलिए ऑटो सेक्टर में आई तबाही ने आशीष की जिंदगी को निगल लिया।

स्थानीय अखबारों के मुताबिक, आशीष के पिता कुमार विश्वजीत बीजेपी के बारीडीह मंडल के आईटी सेल प्रमुख हैं। ये खबर जानने के बाद आत्महत्या पर और भी हैरानी बढ़ जाती है कि बीजेपी का जो नेता सबको ‘अच्छे दिनों’ और ‘विकास’ के सपने दिखाता रहा वो अपने बेटे को सब कुछ ‘अच्छे हो जाने’ का यकीन क्यों नहीं दिला सका।

24 वर्षीय कुमार आशीष की अभी ठीक एक साल पहले ही शादी हुई थी। प्रेम विवाह करके एक नई जिंदगी शुरू करने वाले कुमार आशीष अपनी नौकरी पर आए खतरे को लेकर डरे हुए थे और ऑफिस से लौटते ही उन्होंने घर के पंखे से लटककर अपनी जान दे दी।