मिर्ज़ापुर के प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील में नमक रोटी परोसे जाने का मामला उजागर करने वाले पत्रकार पवन जायसवाल के समर्थन में अब बच्चों के अभिभावक भी उतर आए हैं। अभिभावकों ने पत्रकार के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज किए जाने का विरोध करते हुए गुरुवार को अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।

इस मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील सिंह यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- सत्ता को लगता है कि अपने दमन चक्र से वह सबका मुंह बंद कर देगी। लेकिन वह भूल गई कि जनता हर तानाशाह को धूल चटाने का माद्दा रखती है। अराजकता, भ्रष्टाचार और गुंडई के खिलाफ मिर्जापुर के स्कूल का यह ‘सत्याग्रह’ योगी सरकार के प्रति पूरे प्रदेश की भावनाओं का आईना है।

गौरतलब हो कि अभिभावकों का कहना है कि जब तक पत्रकार के ख़िलाफ़ दर्ज की गई एफआईआर वापस नहीं ली जाती, विद्यालय का बहिष्कार जारी रहेगा। वहीं भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई का स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से मामले के तथ्य पर एक रिपोर्ट तलब की है।

पत्रकार पवन के ख़िलाफ़ FIR का अभिभावकों ने किया विरोध, अपने बच्चों को नहीं भेजा स्कूल

साथी ही ये भी कहा जब तक दोषियों के खिलाफ कारवाई नहीं होती, तब तक पठन-पाठन से बच्चें दूर रहेंगे। गुरुवार को आम दिनों की तरह विद्यालय खुला, अध्यापक और अध्यापिका और खाना बनाने वाली रसोइया पहुंची, लेकिन पढ़ने वाले छात्र-छात्रा नदारद रहे। स्कूल में महज़ एक छात्र नज़र आया।

इससे पहले देशभर के कई वरिष्ठ पत्रकारों ने भी पवन जायसवाल के खिलाफ़ पुलिसिया कार्रवाई का विरोध किया था। पत्रकारों ने इस मामले को लेकर यूपी की योगी सरकार को भी जमकर घेरा था। वहीं सरकार और प्रशासन के बचाव में डीएम अनुराग पटेल ने अजीब बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर पत्रकार प्रिंट का था तो उसे फोटो लेनी चाहिए थी ना कि वीडियो बनाना चाहिए था।

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बता दें कि जमालपुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय शिऊर में 22 अगस्त को मिड-डे-मील में बच्चों को नमक रोटी परोसी गई थी। इस मामले को पत्रकार पवन जायसवाल ने सोशल मीडिया के ज़रिए उजागर किया था। धांधली को उजागर करना प्रशासन को नागवार ग़ुज़रा, जिसके चलते 31 अगस्त को उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर ली गई। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक अब पत्रकार के समर्थन में उतर आए हैं। अभिभावकों ने गुरुवार को विद्यालय का बहिष्कार कर दिया।