समाचार समूह NDTV के संस्थापक प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय को शुक्रवार को मुंबई हवाई अड्डे पर विदेश जाने से रोक दिया गया। ये कार्रवाई सीबीआई की ओर से जारी ‘ऐहतियाती’ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) के आधार पर की गई।

सीबीआई का कहना है कि आईसीआईसीआई बैंक से जुड़े कथित धोखाधड़ी से संबंधित मामले में जून में दोनों के खिलाफ सावधानी के लिए निगरानी का नोटिस (एलओसी) जारी किया गया था। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि इसी नोटिस के आधार पर दोनों को देश छोड़ने से रोका गया है।

बता दें कि एलओसी किसी व्यक्ति को देश छोड़ने से रोकने के उद्देश्य से जारी किया जाता है। एजेंसियां इसके आधार पर व्यक्ति को बाहर जाने से रोक सकती हैं, लेकिन इसके तहत उसे हिरासत में नहीं लिया जा सकता।

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वहीं एनडीटीवी ने सीबीआई की इस कार्रवाई को बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन बताया है। एनडीटीवी ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में दावा किया है कि राधिका और प्रणय रॉय को भ्रष्टाचार के ‘एक फ़र्ज़ी और बेबुनियाद मामले को आधार बनाकर’ रोका गया है।

एनडीटीवी ने बताया कि सीबीआई ने दो साल पहले उनकी कंपनी द्वारा आईसीआईसीआई बैंक से लिए गए एक लोन को लेकर ये मामला दर्ज किया था। जबकि ये मामला पूरी तरह फर्ज़ी है, क्योंकि ये लोन कंपनी ने समय से पहले सूद समेत पूरी तरह वापस कर दिया था।

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NDTV ने यह भी बताया कि सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए धोखाधड़ी के मामले को रॉय दंपति की कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जहां ये दो साल से लंबित है। इसके बावजूद उन्हें रोका गया। जबकि इससे पहले वह  लगातार देश से बाहर आते-जाते रहे हैं। तब इस तरह की कार्रवाई नहीं की गई।

एनडीटीवी ने दावा किया कि ये कार्रवाई सत्ता के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने का नतीजा है। बयान में चैनल ने कहा, “मीडिया मालिकों पर छापों के साथ ये कार्रवाई मीडिया वालों को एक चेतावनी है कि वो उनके पीछे चले या नतीजा भुगते”।

वहीं इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सांसद उदित राज ने कहा, “NDTV के मालिक प्रनॉय रॉय एवं राधिका रॉय को विदेश जाते समय हवाई अड्डे पर रोक दिया गया। जिन चोरों को रोकना था उन्हें तो रोक नहीं पाए। सच दिखाने की सज़ा मिल रही है। सभी जनतांत्रिक ताक़तों को इनके साथ खड़ा होना चाहिए”।